मंडी : धर्मवीर – वीरवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। मंडी जिला के 8 होनहार छात्रों ने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है।
करसोग श्रेत्र के आने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगणा में अध्ययनरत जुड़वां बहनों ‘मान्या व मन्नत’ ने खुद के जन्मदिन पर ‘मां’ को अनमोल तोहफा दिया है। तीन साल की उम्र में पिता धर्मपाल महाजन को खो चुकी बेटियों में मान्या ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी दसवीं के परीक्षा परिणाम की मेरिट सूची में 8वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि मन्नत को टॉप-10 में तो नहीं, लेकिन 12वां स्थान मिला है। बड़ी बात ये है कि जुड़वां बेटियां प्रदेश के दुर्गम इलाके के करसोग उपमंडल स्थित सरकारी स्कूल में पढ़कर ये अनमोल तोहफा लाई हैं।
टॉप टेन में जगह बनाने से 2 अंक से पीछे रही बड़ी बहनः
मान्या से एक मिनट बड़ी बहन मन्नत मात्र दो अंक की कमी के कारण टॉप-10 में नहीं आ पाई। मान्या ने 98.94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, मन्नत ने 97.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। जुड़वां बहनों में मान्या व मन्नत को क्रमशः 687 व 683 अंक मिले हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अरुणा महाजन के साथ-साथ परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। जुड़वां बेटियों की मां का गला रुंध गया। साथ ही भावुक भी हुई।
मान्या डॉक्टर व मन्नत का है इंजीनियर बनने का सपनाः
दोनों जुड़वा बच्चियों की मां अरुणा महाजन ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि मन्नत जीवन में इंजीनियर बनना चाहती है, वहीं मान्या ने डॉक्टर बनने की राह तय की है। उन्होंने बताया कि मान्या व मन्नत अब अपनी मेडिकल व नॉन मेडिकल की पढ़ाई जिला शिमला से कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जुड़वां बहनों की सफलता में चाचा-चाची का भी अमूल्य योगदान है। चाचा-चाची गणित विषय में स्कूल लेक्चरर हैं। परिवार संयुक्त रूप से ही रहता है।
