मंजूर पठान,चंबा: नशा हिमाचल प्रदेश एक बड़ी समस्या बनता जा रहा हैं। युवा पीढ़ी लगातार नशे की चपेट में आ रही है जिससे कि एक बड़ा खतरा ओर चुनौती सरकार के समक्ष भी खड़ी हो गई हैं। सरकार अपने स्तर पर भी कई तरह के अभियान युवाओं को नशे से बचाने को लेकर चला रही है लेकिन इस दिशा में जिला चंबा का एक स्कूल भी अहम भूमिका निभा रहा हैं। इस स्कूल की ओर से ना केवल स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है बल्कि छात्रों के माध्यम से समाज तक भी नशे से दूर रहने और इससे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही हैं।
चंबा जिला के तहत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डूघली में बच्चों को मॉर्निंग असेंबली और क्लास रूम में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देने के लिए हर रोज जागरूक किया जाता हैं। उन्हें यह भी कहा जाता है कि जो जानकारी स्कूल में दी जाती है वह बच्चे अपने गांव में जाकर अपने परिवार और अपने गांव वालों को भी बताएं कि नशे के दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं और यह किस तरह से समाज को खोखला करता हैं।
स्कूल के प्रधानाचार्य बच्चों के क्लास रूम में जाकर उन्हें हर रोज नशे के प्रति जागरूक करते हुए दिखाई देते हैं। इसके अलावा स्कूल का अन्य स्टाफ भी बच्चों को मॉर्निंग असेंबली में नशे के प्रति जागरूक करता हुआ दिखाई देता हैं। इसके साथ-साथ स्कूल में नशे के प्रति जागरूकता के लिए कई तरह के कॉम्पिटिशन भी करवाये जाते हैं ताकि बच्चों को नशे के प्रति अधिक से अधिक जागरूक किया जा सके और एक स्वच्छ समृद्ध समाज की स्थापना हो सके।
स्कूल के छात्र छात्राओं का कहना है कि उन्हें हर रोज स्कूल में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाता हैं। स्कूल में मिली जानकारी को छात्र जाकर अपने घर और गांव वालों के साथ साझा करते हैं जिससे ना केवल युवा पीढ़ी बल्कि उनका परिवार और आसपास के गांव के लोग भी नशे की बुरी लत से दूर रहें और वह अपने गांव आस पड़ोस को भी इस बुरी लत से बचाकर रख सकें। छात्र गांव वालों को बताते हैं कि नशे से दूर रहना है और जितना अधिक नशे से दूर रहेंगे उतना अधिक बेहतर और खूबसूरत समाज का निर्माण होगा।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डूघली के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार का कहना है कि नशा एक बहुत बड़ी समस्या हैं, जो समाज को खोखला करता हैं लेकिन हमारा कर्तव्य है कि हम अपने कैंपस में बच्चों को नशे के प्रति जागरूक करें और यह प्रयास हम हर रोज करते हैं। मॉर्निंग असेंबली से लेकर क्लासरूम तक बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हैं और उन्हें यह भी बताया जाता हैं कि नशे से कैसे अपना बचाव करने के साथ ही अपने समाज का बचाव करना हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को कहा जाता है कि वह अपने गांव में जाकर अपने परिवार सहित गांव वालों को भी इसके बारे में जागरूक करें ताकि नशा मुक्त समाज का निर्माण करने में छात्र ओर युवा पीढ़ी का योगदान अहम रहे।
