Shimla, Sanju-शिमला के भट्टाकुफर में फोरलेन निर्माण के चलते हुई भारी तबाही के बाद मंगलवार को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। हादसे में एक पांच मंजिला इमारत जमींदोज हो गई, जबकि आसपास के अन्य पांच भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है।
विक्रमादित्य सिंह ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और फोरलेन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने खुद घटनास्थल की तस्वीरें लीं और निर्माण कंपनी द्वारा की जा रही 90 डिग्री की वर्टिकल कटिंग को खतरनाक बताया। मंत्री ने कहा कि इस मामले को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष उठाया जाएगा।उन्होंने कहा, “फोरलेन निर्माण में जिस तरह की तकनीकी सावधानी बरती जानी चाहिए थी, वह नहीं बरती गई। कई स्थानों पर तय सीमा से अधिक भूमि पर कार्य किया जा रहा है और मलबा भी निर्धारित मानकों से अधिक डंप किया जा रहा है। इससे पर्यावरण और स्थानीय लोगों को भारी नुकसान हो रहा है।”
मंत्री ने आगे बताया कि उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री गडकरी से बात की है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री से आग्रह किया जाएगा कि एक हाई पावर कमेटी का गठन किया जाए जिसमें भूवैज्ञानिक, आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंविक्रमादित्य सिंह ने कहा, “विकास जरूरी है लेकिन लोगों की सुरक्षा और हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। सरकार का कर्तव्य है कि वह विकास कार्यों के साथ-साथ आम जनता के हितों की भी रक्षा करे।”
