संजु चौधरी, शिमला: शिमला नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की एक बार फिर से प्रचंड बहुमत से वापसी हुई हैं। इन चुनावों में क 34 सीटों में से कांग्रेस ने 24 सीटों पर कब्जा किया हैं। निगम चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री चुनावी प्रचार में उतरे थे लेकिन इन चुनावों में सबसे अच्छा रिपोर्ट कार्ड लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह का रहा हैं।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह के विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण में चार नगर निगम के वार्ड आते हैं और इन चारों वार्डों में कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया हैं, हालांकि 2017 में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से केवल कांग्रेस 1 सीट ही जीत पाई थी, लेकिन इस बार विक्रमादित्य सिंह का जादू चला और चारों सीटें कांग्रेस की झोली में यहां से आई हैं। विक्रमादित्य सिंह ने इन चारों सीट के अलावा शिमला शहर के कई वार्डों में चुनावी प्रचार किया था। जहां कांग्रेस के उम्मीदवार भी जीते हैं।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस जीत के लिए शिमला की जनता का आभार जताया और कहा कि शिमला के लोगों ने पार्टी के नेतृत्व पर अपना भरोसा जताया हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू,कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कई नेता इन चुनावों में जाकर जन समर्थन प्राप्त किया था, जिसके चलते कांग्रेस की 24 सीटें आई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब अपने दायित्व का निर्वहन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और शिमला शहर का सभी वार्डों का एक सम्मान विकास कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के 4 महीने के कार्यों से प्रदेश की जनता खुश हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने इस कार्यकाल में कई जनहित के फैसले लिए हैं जिस पर शिमला की जनता ने मोहर लगाई हैं। विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा सरकार बनने के पहले से दिन से ही सरकार को अस्थिर करने के प्रयास में लगी रही। नेता प्रतिपक्ष सहित भाजपा के नेता ऑपरेशन लोटस की बात करते रहे हैं और प्रदेश में नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। उसी का नतीजा है कि आज शिमला शहर की जनता ने उन्हें नगर निगम से बाहर का रास्ता दिखाया हैं।
