बिलासपुर,सुभाष-: क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया के विरोध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोलते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर लगाने के बजाय गांव में पुराने बिजली मीटरों को ही जारी रखने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में गांव की विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है, ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से विद्युत विभाग के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच कई तरह की आशंकाएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों को चिंता है कि नई व्यवस्था लागू होने से बिजली खपत और बिलिंग को लेकर उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है।ज्ञापन में ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और पहले से लगे पुराने मीटरों को ही चालू रखा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने मीटरों के माध्यम से बिजली आपूर्ति और बिल भुगतान की व्यवस्था लंबे समय से चल रही है और इसमें किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है।प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल,भुगतान और मीटर रिचार्ज जैसी व्यवस्थाओं को लेकर आम उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है। उन्होंने विद्युत विभाग से ग्रामीणों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने और स्मार्ट मीटर लगाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन कर सकते हैं।

