शिमला,संजु चौधरी(TSN)-हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार किया है.विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नफरत की नहीं,बल्कि मोहब्बत की ही दुकान है.यहां किसी के लिए नफरत नहीं है।वहीं संजौली मस्जिद विवाद मामला दिन ब दिन गरमाता जा रहा है। इसको लेकर जहां कई हिन्दू संगठनों ने अवैध मस्जिद निर्माण को गिराने की मांग की है। वहीं बुधवार को सदन में भी यह मामला उठा और सरकार ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है।
प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नही
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी साफ तौर पर कह दिया है कि प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नही है।नियमों के तहत कार्यवाही होगी।बता दें मस्जिद विवाद को लेकर गत रविवार 1सितंबर को स्थानीय लोगों ने मस्जिद का घेराव कर वहां पर धरना भी दिया था।जिसके बाद माहौल को शांत करने के लिए SP और DC को मौके पर पहुंचना पड़ा।यह मामला नगर निगम कोर्ट में लगा है जिसकी सुनवाई शनिवार 7 सितंबर को होगी।आज हिन्दू संगठन भी विधानसभा के समक्ष इस मूददे पर प्रदर्शन करेंगे और चौड़ा मैदान में हनुमान चालीसा का पाठ कर हिंदुत्व का संदेश देंगे।
रोजगार पर हिमाचलियों का पहला हक
शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा की हिमाचल प्रदेश में प्रेम और सौहार्द का माहौल है इसे खराब नही होने दिया जाएगा।किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी यह मामला नगर निगम कोर्ट में है इस दौरान मस्जिद का निर्माण अवैध पाया जाता है तो इस मामले में कानून के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी.
विक्रमादित्य सिंह ने कहा हिमाचल प्रदेश देवभूमि है इसलिए आपसी भाईचारा बनाकर रखना महत्वपूर्ण है.उन्होंने कहा प्रदेश में धर्मांतरण का कानून भी सबसे पहले कांग्रेस सरकार लेकर आई थी लेकिन यह चिंता का विषय है कि प्रदेश में बाहर के राज्यों से लोग शिमला में रेहड़ी-फड़ी व दुकानें लगाने को आ रहे हैं जिनका पंजीकरण सही तरह से नहीं हो रहा है।हिमाचल में बाहर से आने वाले लोगों का स्वागत है लेकिंन रोजगार पर पहला हक हिमाचली का है।कुछ लोग बाहर से सभीका पंजीकरण आवश्यक है लेकिन के लोग फेक आइडेंटिटी के तहत कार्य कर रहे है।उनके ऊपर कानून के तहत कार्रवाई होगी।कोई फर्जी पहचान पर हिमाचल में कार्य करता है तो यह प्रदेश में लॉ एंड आर्डर पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।सब लोगों का हित साधने सरकार का कर्तव्य है।
