ऊना/राकेश-:पीर निगाह मंदिर के संचालन को लेकर चल रहा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कई दिनों से जारी आंदोलन के बीच रक्षाबंधन से एक दिन पहले बसौली पंचायत की महिलाओं, ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर ऊना शहर में रोष रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रोष रैली लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस से शुरू हुई, जो डीसी कॉलोनी, मुख्य बाजार और रेड लाइट चौक से होते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरी और एमसी पार्क पहुंचकर संपन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों को उठाया और पीर निगाह मंदिर का संचालन दोबारा बसौली पंचायत को सौंपने की मांग की।मीडिया से बातचीत में जिला परिषद सदस्य एवं गांववासी अनु ठाकुर ने कहा कि पीर निगाह मंदिर सरकार का नहीं, बल्कि गांव का मंदिर है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण मंदिर का संचालन वापस लेकर ही रहेंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर पूर्व विधायक सतपाल रायजादा पर भी निशाना साधा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पूर्व विधायक अब तक आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से मिलने नहीं पहुंचे और न ही मंदिर का संचालन वापस दिलाने के लिए उनके पक्ष में आवाज उठाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसके बजाय उन्हें मामले दर्ज करने की धमकियां दी जा रही हैं।महिलाओं ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व से एक दिन पहले उन्हें अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर के संचालन का अधिकार वापस मिलने तक महिलाएं और ग्रामीण पीछे हटने वाले नहीं हैं।प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त ऊना से पूरे मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पीर निगाह मंदिर का संचालन वापस बसौली पंचायत को नहीं सौंपा जाता, तब तक उनका आंदोलन और संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

