राहुल चावला, धर्मशाला(TSN): महिला आरक्षण बिल संसद में पास किए जाने इस सपने को साकार करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को इतिहास के पन्नों में लिखा जाएगा। यह बात हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राकेश शर्मा ने शुक्रवार को धर्मशाला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस बिल का महिलाओं को 27 साल से इंतजार था और यह एक ऐतिहासिक युग की शुरुआत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए विशेष कोटा आबंटित करना गर्व का क्षण है और भविष्य में उनके फ़ैसले राष्ट्रों के विकास में महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा इस विधेयक में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान किया गया हैं। राकेश शर्मा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित ये फैसले भारत के परिदृश्य और नियति में बदलाव लाएंगे। महिला आरक्षण बिल से महिलाए सशक्त होंगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने महिलाओं को केंद्र से लेकर बूथ तक आरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए एक नहीं, बल्कि अनेक कदम उठाए हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत 12 करोड़ महिलाओं को शौचालय दिए गए है। इसके साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश महिलाओं के नाम से ही उनके मकान रजिस्टर्ड किए जा रहे हैं। इसके साथ देश में लंबे समय से लंबित समस्याओं का निराकरण भी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतांत्रिक तरीके से किया हैं।
भाजपा प्रवक्ता राकेश शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने 9 सालों में देश की महिलाओं को सशक्त बनाया है। चाहे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून हो, या बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत कर महिलाओं का लिंगानुपात बढ़ाना हो। पीएम मोदी ने अपने फैसलों से महिलाओं के जीवन को लगातार बेहतर बनाया हैं। देश की महिलाएं आर्थिक रुप से मजबूत हो इसके लिए केंद्र सरकार की ओर महिलाओं के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गई है, जिनका लाभ आज हर महिला वर्ग को मिल रहा हैं।
उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना, घर-घर शौचालय, घरों में नल के पानी के लिए जल-जीवन, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना, महिला छात्रावास, महिला हेल्पलाइन योजना, महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महिला शक्ति केंद्र जैसी कई योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा इतना ही नहीं मोदी सरकार ने सैन्य सेवाओं में महिलाओ के बड़े स्तर पर प्रवेश और उन्हें प्रोत्साहित करने का काम भी किया हैं। इसका असर अब दिखाई देने लगा हैं। भारतीय सेनाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी तेजी बढ़ी हैं।
