भावना शर्मा: देव भूमि हिमाचल में वैसे तो आप अब बहुत सी जगह आप पैराग्लाइडिंग का लुत्फ उठा सकते हैं लेकिन अगर आपको विश्व की दूसरी ओर एशिया की पहली बेहतरीन पैराग्लाइडिंग साइट से पैराग्लाइडिंग करनी हैं तो इसके लिए आपको जिला कांगड़ा के बीड़-बिलिंग घाटी आना होगा। यहां आ कर आप समुंद्र तल से लगभग 2290 मीटर की उंचाई पर स्थित इस पैराग्लाइडिंग साइट से आसमान में उड़ने की चाह को पूरा करने के साथ ही प्राकृतिक नजारों को भी आसमान की ऊंचाईयों से निहार सकते हैं। कांगड़ा जिला में स्तिथ यह बीड़-बिलिंग ने पैराग्लाइडिंग से ना केवल इस क्षेत्र की तस्वीर बदली हैं बल्कि यहां के युवाओं की तकदीर भी बदल गई हैं।
यहां पैराग्लाइडिंग की संभावनाओं को देखते हुए क्षेत्र के युवाओं ने इससे पूर्व को सीख लिया है और पैराग्लाइडिंग को ही रोजगार के रूप में अपना लिया हैं। आसमान को मानवपरिंदों से गुलजार रखने वाले इस क्षेत्र के लगभग हर घर से पैराग्लाइडर पायलट है। बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग के लिये विश्व में दूसरी और एश्यि में पहली बेहतरीन स्थली, दुनिया भर के पैराग्लाइडिंग के शौकिनों का पसंदीदा स्थान है। दुनिया भर से लोग यहां पैराग्लाइडिंग करने के लिए यहां आते हैं।
इजरायली पायलट ने की थी बिलिंग की खोज, हैंगग्लाइडिंग से हुई थी शुरुवात
बीड़-बिलिंग में पैराग्लाइडिंग साइट खोजने के इतिहास की बात की जाए तो समुद्र तल से लगभग 2290 मीटर की उंचाई पर स्थित बिलिंग की खोज इजरायली पायलट ने की थी। वर्ष 1982 में हैंगग्लाइडिंग के रूप में यहां इस खेल की शुरुवात हुई थी और समय के साथ-साथ यह पैराग्लाइडिंग में परिवर्तित हुआ। इसके बाद प्रदेश सरकार ने बीड-बिलिंग घाटी में साहासिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए पैराग्लाइडिंग आरंभ करवाई। यहां पैराग्लाइडिंग को बढ़ावा देने के लिए समय-समय राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन से दुनियां भर से पैराग्लाइडिंग के शौकिन और पर्यटक यहां आने लगे। सरकार ने पैराग्लाइडिंग और साहासिक खेलों के लिए करोड़ों रुपए व्यय कर मूलभूत सुविधाओं का सृजन किया हैं। पैराग्लाग्डिंग में किसी प्रकार से कोई असुविधा नहीं हो, बीड़ में लगभग 68 कनाल भूमि का अधिग्रहण लैंडिंग के लिए किया हैं। इस क्षेत्र को विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के अंतर्गत लाकर इस क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध है।
पैराग्लाइडिंग साइट पर हैं 600 के करीब लाईसेंस होल्डर पैराग्लाइडिंग पायलट
बीड़-बिलिंग घाटी में लगभग 500 से 600 युवा लाईसेंस होल्डर पैराग्लाइडिंग पायलट हैं, जो प्रतिदन पर्यटकों को टेंडम प्लाईटस करवाकर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। बीड-बिलिंग के युवाओं के अतिरिक्त यहां की युवतियां भी कई बार मानवपरिंदों के रूप में धौलाधार की पहाड़ियों को नाप चुकी हैं।
रोजगार के साथ ही इस साहसिक खेल में भी कर रहे प्रदेश का नाम
बीड़- बिलिंग हिमाचल किस प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट मैं पैराग्लाइडिंग करवाने वाले पायलट केवल रोजगार की दृष्टि से इस काम को नहीं कर रहे हैं बल्कि वह इस साहसिक खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
यहां के युवा पैराग्लाइडिंग केवल रोजगार के लिए नहीं करवाते बल्कि ज्योति ठाकुर, अरविंद, प्रकाश, मंजीत, कमल, सुरेश जैसे दर्जनों होनहार पैराग्लाइडर्स ने चीन, नेपाल, बुलगारिया, जापान इत्यादि देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश का नाम भी रोशन किया हैं।
विश्व भर में प्रसिद्ध हैं बीड़ बिलिंग पैराग्लाइडिंग साइट
कांगड़ा जिला की यह पैराग्लाइडिंग साइट बीड़ बिलिंग ना केवल हिमाचल में प्रसिद्ध है यहां बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पैराग्लाइडर पैराग्लाइडिंग के लिए पहुंचते हैं यहां विदेशी नागरिकों को भी पैराग्लाइडिंग सिखाई जाती है इतना ही नहीं इस पैराग्लाइडिंग साइड पर प्री वर्ल्ड कप के आयोजन होते रहते हैं। वहीं एक बार वर्ष 2015 में इस साइट पर पैराग्लाइडिंग का वर्ल्ड कप भी आयोजित करवाया गया हैं।
पैराग्लाइडिंग साइट के लिए रोप वे लगाने का भी हैं प्रयास
बीड़ बिलिंग साइट के खिलाड़ियों ओर पर्यटकों को ओर अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार प्रयास कर रही हैं। बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल ने कहा कि पैराग्लाडिंग से बैजनाथ क्षेत्र को विश्व में पहचान मिली हैं। उन्होंने कहा कि पैराग्लाडिंग से इस क्षेत्र का तेजी से विकास हुआ है और लोग आर्थिक रूप में सुदृढ़ हुए हैं। उन्होंने बताया कि विधायक प्राथमिकता बैठक में बिलिंग तक रोप-वे निर्माण का प्रस्ताव दिया गया हैं। विशेषज्ञों की राय के उपरांत अगर संभव हुआ ओर पैराग्लाडिंग के लिए कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुई तो रोप-वे लगवाने का भी प्रयास किया जायेगा ताकि साहसिक खेलों के अतिरिक्त पर्यटन को और बढ़ावा मिले।
