अरविंदर सिंह, हमीरपुर: केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से हिमाचल के लिए 13 सौ करोड़ रूपए के उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी सिंचाई एवं मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना मंजूर की है। इस परियोजना से हिमाचल को लाभ मिलेगा और हिमाचल इस प्रोजेक्ट से फल राज्य बनेगा।
हिमाचल प्रदेश के सात जिलों हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, ऊना, सिरमौर बिलासपुर के लिए यह परियोजना मंजूर की गई है। एशियाई विकास बैंक इस परियोजना के लिए 1036 करोड़ रूपये की वित्तय सहायता प्रदान करेगा, शेष राशि प्रदेश सरकार की ओर से खर्च की जाएगी। सात जिलों के 28 विकास खंडों में लगभग 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में यह परियोजना लागू कि जाएगी।
जिला उपाध्यक्ष एवं हमीरपुर मंडल के प्रभारी अनिल कौशल ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से सात जिलों में संतरा, अमरूद, अनारा, लीची, जापानी फल, आम आदि फलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। यह परियोजना 2022-23 से 2027-28 तक चलेगी, इस परियोजना के तहत 15 हजार से अधिक किसान परिवार लाभांवित होंगें। इस प्रोजेक्ट के तहत 1 करोड़ फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे जिससे की पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आमदनी बढ़ाई जाएगी।
अनिल कौशल ने कहा कि परियोजन के तहत प्रदेश के 4 जिलों हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर के 17 क्लस्टरों में 200 हेक्टेयर क्षेत्र पर संतरा, अमरूद, लीची, और अनार का उच्च घनत्व पौधारोपण किया गया था जिसके परिणाम सफल रहे है।
कौशल ने इस प्रोजेकट को पोषित करने के लिए प्रधान मंत्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया साथ ही कहा कि डबल इंजन सरकार के संयुक्त प्रयासों से हिमाचल प्रदेश शिखर की ओर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि “एचपी शिवा“ परियोजना का मुख्य उद्देश्य बागवानों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करवाना है ताकि इन क्षेत्रों से युवा आबादी का प्लायन शहरों की तरफ ना हो।
बागवानी को सुदृढ़ करने के लिए एचपी शिवा प्रोजेक्ट लोगों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। मुख्य परियोजना के प्रथम चरण में 975 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस परियोजना के पहले चरण में सात जिलों में हजारों हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौधों को उगाया जाएगा 15000 किसान लाभांवित होंगे और हिमाचल की आर्थिकी सुदृढ़ होगे , जिससे भाजपा की डबल इंजन सरकार को किसानों का समर्थन निश्चित है।
