भावना,शिमला(TSN): शिमला से जनजातीय क्षेत्र स्पीति का तक का सफ़र आपने बस,कार,बाइक से तो काफी बार तय किया होगा लेकिन कभी आपने इस सफर को साइकिल से पूरा करने के बारे में सोचा नहीं होगा… लेकिन हिमाचल प्रदेश के चार साइकिलिस्ट ने इस सफ़र को साइकिल से पूरा करने के बारे में सोचा ही नहीं है बल्कि वो इस सफर को पूरा करने के लिए रविवार को शिमला से रवाना भी हो रहे हैं। शनिवार को शाम 6 बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने इस साइकिल राइड को राजभवन से हरी झंडी भी दिखाई हैं।
Pedal To Heal Himalays के उद्देश्य से शुरू की जा रही यह साइकिल एक्सपीडिशन का अंतिम छोर स्पीति रखा गया है और यही वजह है कि इस पूरे रूट को स्पीति सर्किट का नाम दिया गया हैं। इस अभियान पर जाने वाले चार लोगों में से एक नाम भारतीय प्रशासनिक अधिकारी विशेष सचिव (तकनीकी शिक्षा) संदीप कुमार तो वहीं दूसरा नाम मंडी शहर के जाने-माने साइकिलिस्ट व फोटो जर्नलिस्ट जसप्रीत पॉल जिन्होंने पहले भी साइकलिंग में क़ई रिकॉर्ड बनाए हैं उनका हैं। इसके अलावा साइकिलिस्ट जसवीर सिंह और राजेंद्र मनन भी इस अभियान का हिस्सा हैं।
प्रदेश में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के बाद साइकिल पर स्पीति को फतह करने का यह अभियान व विचार लोगों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ ही स्वछता का संदेश देने के अलावा स्वास्थ्य के लिए साइकलिंग के क्या लाभ हैं इसके बारे में जागरूक करना भी हैं।
साइकिलिस्ट जसप्रीत पॉल ने बताया कि स्पीति सर्किट की इस साइकिल राइड के दौरान शिमला से काजा और मनाली तक 695 किलोमीटर तक का पूरा सफर साइकिल से तय किया जाएगा। 9 दिनों की राइड के दौरान 15 हज़ार 750 मीटर के लगभग एलिवेशन गेन होगा यानी 15 हज़ार 750 मीटर तक कि ऊंचाई पर साइकिल राइड करनी होगी जो अपने आप में ही बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वहां कई बार अत्याधिक ऊंचाई वाली राइडस को साइकिल के माध्यम से कर चुके हैं जिसमें साच-पास, चांसल पास, शिंकुला पास जैसे क़ई ऊंचे दर्रो को साइकिल से पार कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस बार स्पीति सर्किट जो की कुंजम दर्रा से होते हुए जिसकी समुद्रतल से ऊंचाई 4590 मीटर हैं को पार करते हुए अपनी इस साइकिल राइड को सफलता पूर्वक पूरा कर एक ओर रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करेंगे।
स्पीति सर्किट का यह रहेगा पूरा रूट
शिमला से काजा ओर मनाली तक होने वाले इस साइकलिंग एक्सपीडिशन के रूट की बात की जाए तो 24 सितंबर को इसकी शुरुआत शिमला से होगी। पहले दिन शिमला से रामपुर तक 120 किलोमीटर तक का सफर तय किया जाएगा। वहीं 25 अक्टूबर को रामपुर से रिकांगपिओ 100 किलोमीटर, 26 सितंबर को रिकांगपिओ से नाको 100 किलोमीटर, 27 सितंबर को नाको से ताबो 65 किलोमीटर, 28 सितंबर को ताबो से काज 45 किलोमीटर, 29 सितंबर को काजा से हिक्किम, कॉमिक,लांगजा तक 50 किलोमीटर, 30 सितंबर को काजा से की मोनेस्ट्री, चिचम ओर लोसर तक 60 किलोमीटर, 1 अक्टूबर को लोसर कुंजम टॉप चंद्रताल से बातल तक 60 किलोमीटर और 2 अक्टूबर को बातल से कोकसर और अटल टनल होते हुए मनाली तक 95 किलोमीटर तक का सफर साइकिल से तय कर इस एक्सपीडिशन का अंत किया जाएगा।
