किन्नौर (अनिल कुमार): मानसून ने प्रदेश में हुई बारिश की वजह से काफी नुकसान हुआ है। सभी जिले इस बारिश की चपेट में आएं है ओर भारी बारिश की वजह से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। जिलों में हुए नुकसान का अब आकंलन किया जा रहा है। बात है किन्नौर जिला कि यहां भी मानसून की बारिश ने कहर बरपाया है। जिला में इस वर्ष बरसातों के दौरान भूस्खलन, बाढ़, चट्टानों के गिरने से सरकारी व निजी संपति को भारी नुकसान हुआ है। जिला के पूह खंड के ग्रामीणों क्षेत्रों मे तो बादल फटने से सेब के लाखों के बगीचे व मटर की खेती को बाढ़ के साथ आए मलबे ने तबाह किया है।
ऐसे में इस वर्ष जिला के अंदर बारिश के चलते 8 करोड़ की संपत्ति स्वाहा हुई है, जिसमें सबसे अधिक नुकसान जिला के पूह खंड के शलखर, चांगो, चुलिंग, हांगो में हुआ है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों मे सांगला गांव के मध्य नाले मे बाढ़ से सेब के बगीचे तबाह हुए है। डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि जिला किन्नौर के सूखाग्रस्त क्षेत्र चुलिंग, हांगो, शलखर, चांगो ग्राम पंचायत में बारिश के चलते व बादल फटने से लाखों के सेब बगीचे व मटर की खेती को नुकसान हुआ है।
इसके अलावा ग्रामीणों के मकान, वाहन, सरकारी संपति को करोड़ों का नुकसान हुआ जिसके बाद प्रशासन की तरफ से नुकसान क़ा आंकलन किया गया है। वहीं जिला के सांगला, कल्पा, निचार तहसील में भी बारिश के बाद ग्रामीणों के सेब बगीचे,सरकारी संपत्ति जिसमें पीडब्ल्यूडी, जलशक्ति विभाग की पाईप लाइने टूटी है। ऐसे मे प्रशासन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। डीसी किन्नौर ने कहा कि जिला में जून माह से अगस्त माह तक बारिश के चलते कुल 8 करोड़ का नुकसान हुआ है जिसमें जिला के लोगों की निजी संपति सरकारी संपति का नुकसान शामिल है और इन सब नुकसानों की भरपाई के लिए भी प्रशासन की ओर से काम किया जा रहा है। वहीं अब जिला के अंदर फिलहाल जनजीवन समान्य बना हुआ है।
