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प्रदेश में 800 सहकारी समितियों का होगा कंप्यूटरीकरण,बढ़ेगी पारदर्शिता:डॉ. ए.के सूद

admin
admin 2 Min Read
Updated 2023/08/21 at 3:56 PM
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राहुल चावला,धर्मशाला: सहकारी सभाओं में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल न के बराबर है, लेकिन अब प्रदेश की 800 सहकारी समितियों की कंप्यूटराइजेशन होगी। यही नहीं इन समितियों का लेनदेन भी सीवीएस के माध्यम से  कंप्यूटराइजेशन पर आ जाएगा, जिससे समितियों में पारदर्शिता बढ़ेगी। केंद्र सरकार ने प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटीज (पैक्स) की कंप्यूटराइजेशन हेतू प्रोजेक्ट शुरू किया हैं जिसे नाबार्ड की ओर से इम्पलीमेंट किया गया हैं।
नाबार्ड हिमाचल प्रदेश रिजनल ऑफिस के चीफ जनरल मैनेजर डॉ. ए.के सूद ने बताया कि नाबार्ड की ओर से कोआपरेटिव सेक्टर के विस्तार देने के लिए पैक्स कंप्यूटराइजेशन का प्रोजेक्ट चल रहा हैं।
एनपीए को लेकर डॉ. सूद ने कहा कि वर्तमान में गंभीर मुद्दा निकल कर आया हैं। वर्ष 2012-13 से पहले बैंक की स्थिति इस तरह की नहीं थी। उन्होंने कहा कि एनपीए पर एक टाइम बाउंड एक्शन प्लान बनाना पड़ेगा। ऐसी टीमें बनानी बनेंगी जो कि टारगेट बेस पर काम करें। इससे पहले जम्मू-कश्मीर में रहते हुए हमने इसी तरह से काम किया है और अच्छे रिजल्ट भी सामने आए हैं। यदि केसीसीबी भी इसी तर्ज पर काम करे तो एनपीए को डील किया जा सकता हैं।
बैंकों की लोनिंग पर उठने वाले सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इसके लिए नाबार्ड की ओर से बैंकों की इंंस्पेक्शन की जाती है और मामलों को चिन्हित किया जाता हैं। अब तक की बैंकों की सुपरविजन में सामने आया है कि बैंकों को अपने आंतरिक चेक और कंट्रोल सहित गवर्नेंस संबंधी मामलों को विस्तार देने  की जरूरत हैं  जब तक इन सब बातों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक एनपीए भी होगा और गलत लोनिंग की संभावना भी रहेगी।
TAGGED: 800, computerized, Cooperative, Dharamshala, increase, societies, transparency
admin August 21, 2023
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