मंडी (परी शर्मा): देशभर में पशुओं में तेजी से फैल रहे लंपी वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए पशुओं को वैक्सीन लगाई जा रही है। बात अगर मंडी जिला की करें तो मंडी जिला भी लंपी वायरस से अच्छुता नही रहा है। जिला में लंपी वायरस के 943 मामले दर्ज किए गए है और 13 पशुओं की मौत हो चुकी है। इसमें कुछ पशु ठीक भी हुए है। इसके अलावा 6250 पशुओं की वेक्सिनेशन हो चुकी है और 650 वैक्सीन उपलब्ध है। पशुपालन विभाग मंडी के उप निदेशक डॉ. संजीव नड्डा ने कहा कि मंडी जिला में लंपी वायरस के 943 मामले दर्ज किए गए है और 13 पशुओं की मौत हो चुकी है। इसमें कुछ पशु ठीक भी हुए है। उन्होने कहा कि मंडी जिला में 6250 पशुओं की वेक्सिनेशन हो चुकी है और 650 वैक्सीन उपलब्ध है।
लंपी वायरस के खिलाफ मंडी जिला में टीकाकरण अभियान जोरो पर चल रहा है जिसके लिए क्वीक रिस्पोंस टीम भी गठित की गई है। साथ ही अधिकारी और कर्मचारी दिन रात उपाचार कर लोगों को जागरूक कर रहे है। उन्होंने कहा कि वे खुद भी फील्ड में गए है और शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया है। लोगों को कहा गया है कि वे साफ सफाई, का विशेष ध्यान रखे और मक्खी मच्छर से पशुओं को दूर रखे। डॉ. संजीव नड्डा ने कहा कि अभी तक मंडी जिला में लंपी वायरस पर नियंत्रण है लोग घबरायें नही।
उन्होंने ये भी बताया कि आवारा पशुओं में इस तरह के मामले नही है लेकिन गौ सदनों में पशु लंपी वायरस से ग्रसित है जिनका इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि लंपी वायरस सये ग्रसित गाय का दूध अच्छी तरह से उबालकर उपयोग में ला सकते है। बता दें कि लंपी वायरस के लक्षणों की बात की जाए तो पशुओं को लगातार तेज बुखार आता है। उनकी आंख और नाक बहने लगती है। इसके अलावा शरीर पर चकत्ते होना, स्किन पर चेचक होना, लार निकलना, दूध का कम होना और वजन कम होना इस वायरस के लक्षणों में शामिल हैं।
