मंडी -: नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। मंडी से जारी बयान में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह अधिकारियों के दबाव में काम कर रहे हैं और पूरी तरह “कंप्रोमाइज़्ड” नजर आ रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कार्यवाहक मुख्य सचिव को स्थायी नियुक्ति दिए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस अधिकारी की नियुक्ति को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लंबित है और सरकार को नोटिस जारी हो चुका है, ऐसे समय में उन्हें स्थायी मुख्य सचिव बनाना सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हैं और बेनामी संपत्ति मामलों में भी उनका नाम सामने आ चुका है।नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अधिकारियों को संरक्षण देने के साथ-साथ उन्हें सेवा विस्तार देने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की कार्यशैली से प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए सिंधु जल समझौते के निलंबन और चेनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना को राष्ट्रीय हित में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन बढ़ेगा और कई राज्यों को लाभ मिलेगा।
पंचायती राज चुनावों के पहले चरण में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को मिले जनसमर्थन पर उन्होंने प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ जनादेश हैं। साथ ही कुछ अधिकारियों पर चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता न बरतने के आरोप भी लगाए।इस दौरान जयराम ठाकुर ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नागेश ठाकुर के पिता स्वर्गीय राम सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने जोगिंदर नगर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
Chandrika
