बिलासपुर, सुभाष ठाकुर – हिमाचल प्रदेश के विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी में पंजाब और हरियाणा की समाजसेवी संस्थाओं ने श्री आंनदपुर साहिब– से लेकर श्री नैना देवी तक 100 के करीब लंगर लगाए हैं। जो भी श्रद्धालु श्रावण अष्टमी मेला के दौरान माता के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं उन्हें एक भी पैसा खानपान पर खर्च करने की जरूरत नहीं है। उनके खानपान की पूरी व्यवस्था समाज सेवी संस्था के द्वारा की गई है जगह-जगह श्रद्धालुओं को रोककर भंडारे खिलाए जाते हैं।
इन भंडारों में कई प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन विवाह शादियों के तरह श्रद्धालुओं को परोसे जाते हैं
श्रावण अष्टमी मेला में जहां पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में नतमस्तक होने के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं पर इन श्रद्धालुओं के लिए खानपान की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती रहती है । उस चुनौती को यह पंजाब की समाजसेवी संस्थाएं पूर्ण करती है।
इसमें सभी संस्थाओं में पंजाब के अच्छे-अच्छे घरानों से श्रद्धालु 10 दिन तक माता की सेवा के लिए यहां पहुंचते हैं। लगरों की सेवा करते हैं इसके अलावा पुलिस कर्मियों के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी ड्यूटी करते हैं ।
इन समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े लंगर कमेटी पंजाब के प्रधान डॉ सतपाल अग्रवाल पटियाला कमेटी से रमण कुमार सिंगला ,दुर्गा सेवा दल से मुरारी लाल मित्तल का कहना है कि हर वर्ष पर माता के दरबार में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुबह का नाश्ता दोपहर का भोजन और रात्रि भोजन की व्यवस्था करते हैं । इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए स्वादिष्ट व्यंजन चना पूरी, कढ़ी चावल ,मक्की की रोटी सरसों का साग ,आइसक्रीम ,गोलगप्पे ,न्यूडल ब्रेड पकोड़ा हर तरह के व्यंजन परोसे जाते हैं ।उनका कहना है कि उन्हें प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग मिलता है और हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था यहां पर करते हैं। इस दौरान साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाता है ।
