राकेश,ऊना : कहते है कि जब आप किसी काम को दिल से करने की ठान लेते है तो कोई भी मुसीबत या मुश्किल आपको नहीं रोक सकती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है ऊना के ईसपुर गांव की सपना ने। पति की मृत्यु के बाद सपना पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था लेकिन सपना टूटी नहीं ओर अपनी सात बेटियों के पालन पोषण के लिए उन्होंने अपने खाना बनाने के हुनर को ही अपनी ताकत बनाया जिसका परिणाम यह हुआ है कि आज एमसी पार्क ऊना में 1 अगस्त से आरंभ हुए राखी उत्सव मेले में उनकी फूड वैन पर मिल रहा स्वादिष्ट खाना ऊनावासियों के दिलों की खूब भा रहा है।

यूं तो मेले में पांचों विकास खंडों के अलग-अलग स्टॉल लगे है, लेकिन मात्र दो दिन में अकेले सपना की अन्नपूर्णा फूड वैन ने 10 हजार रुपए से अधिक की सेल की है। मेले में यह अन्नपूर्णा फूड वैन विकासखंड हरोली के 14 स्वयं सहायता समूह के योगदान से चलाई जा रही है। स्वयं सहायता समूहों के योगदान से चलाई जा रही है इस फ़ूड वैन की सभी महिलाएं उनके खाने को लोगों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया से बेहद उत्साहित है। फूड वैन पर लोगों को किफायती दामों पर खाना परोसा जाता है और लोग खाने को काफी पसंद कर रहे है।

फूड वैन की ड्राइवर व हैडकुक सपना है। सपना यह फूड वैन को स्वयं चलाती हैं और खाना भी बनाती हैं। इस काम में उन्हें काफी आनंद आ रहा है और लोग काफी संख्या में खाना खाने के लिए आ रहे है। सपना की सात बेटियां है और पति की मौत के बाद बह अकेली ही उनकी देखभाल कर रही है। सपना फ़ूड वैन को खुद ड्राइव करके लाती है और खाना भी वह स्वयं तैयार करती है घर जैसा स्वादिष्ट खाना मिलने से लोग इनके खाने को पसंद कर रहे है।

छोटे शहर ऊना में एकमात्र सपना वह महिला है जो इस फ़ूड वैन को चला कर लोगों को स्वादिष्ट भोजन कम दामों पर उपलब्ध करवा कर अपने परिवार का पेट पाल रही है। इतना ही नहीं इस फूड वैन से जहां सपना ने खुद के लिए स्वरोजगार का साधन जुटाया है तो वहीं अन्य दो महिलाओं को भी उन्होंने इस वैन पर रोजगार मुहैया करवाया है।

एडीएम ऊना ने बताया की फूड वैन के लिए सोमभद्रा के तहत एक नई शुरूआत है, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा। शुरूआती परिणाम काफी अच्छे मिल रहे हैं और आने वाले समय में सरस मेले सहित अन्य मेलों में फूड वैन को भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय त्यौहारों, मौसम व कारोबार की संभावना को देखते हुए भी फूड वैन का इस्तेमाल किया जाएगा। फूड वैन के सफल संचालन के लिए एक पूरी कार्य योजना तैयार की जा रही है और विभिन्न सरकारी विभागों की बैठकों में, जहां भी पका-पकाया खाने की डिमांड होगी, वहां भी फूड वैन को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन महिला स्वयं सहायता समूहों की आय वृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत है। पहले भी सभी स्वयं सहायता समूहों के तैयार किए जा रहे उत्पादों में एकरूपता लाने के लिए उन्हें सोमभद्रा ब्रांड नेम प्रदान किया गया है। यह प्रयास सफल रहा है।
