Shimla, 5 October :-मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में सरकार 8 अक्तूबर से चंबा जिले के पांगी क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से उगाए गए जौ की खरीद शुरू करने जा रही है।
सरकार ने जौ के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय किया है। यह पांगी जैसे दूरदराज क्षेत्र में पहली बार होने जा रहा है कि सरकार द्वारा समर्थित इस तरह का खरीद अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय किसान इस पहल को लेकर उत्साहित हैं।
दुग्ध प्रोत्साहन और परिवहन अनुदान योजनाएं भी आरंभ
कृषि विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पांगी घाटी के हुड़ान, सेचु, सुराल, किलाड़ और साच में पांच खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत 80 किसानों ने पंजीकरण करवाया है।प्रदेशभर में प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं की खरीद भी पूर्ण कर ली गई है। 22 खरीद केंद्रों पर 838 किसानों से कुल 2,123.587 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है, जिसे आटा और दलिया के रूप में संसाधित कर ‘हिम-भोग’ ब्रांड के तहत बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को कुल 1.27 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि 4.15 लाख रुपये परिवहन सब्सिडी के रूप में दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक रूप से उगाई गई फसलों के लिए निम्नलिखित न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किए हैं —
- गेहूं : ₹60 प्रति किलोग्राम
- मक्का : ₹40 प्रति किलोग्राम
- कच्ची हल्दी : ₹90 प्रति किलोग्राम
- जौ : ₹60 प्रति किलोग्राम
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इसी दिशा में सोलन जिले के अर्की विधानसभा क्षेत्र से दुग्ध प्रोत्साहन योजना और परिवहन अनुदान योजना शुरू की गई हैं।दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत पंजीकृत दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को 3 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, वहीं निजी दुग्ध समितियों को दूध संग्रहण और परिवहन के लिए 3 रुपये प्रति लीटर की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ये पहलें न केवल रसायन-मुक्त खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देंगी बल्कि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित कर ग्रामीण जीवन को सशक्त बनाएंगी।
