मंजूर पठान, चंबा: चंबा शहर जहां अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है तो वहीं यह शहर अपनी ऐतिहासिकता के लिए भी एक अलग पहचान रखता है। 1 हजार साल पुराने इस शहर में ना केवल प्राकृतिक सुंदरता है बल्कि पुरानी इमारतें ओर
ऐतिहासिक धरोहरों की भी भरमार है जो इस शहर को ओर भी सुंदर और रोचक बनाती है। यही वजह भी है कि इस शहर के प्रति पर्यटकों का आकर्षण हमेशा से ही रहा है। चंबा शहर 1000 साल पुराना है इसे राजा साहिल बर्मन ने बसाया था, यहां के प्राचीन मंदिर और कई ऐसे म्यूजियम है जो पर्यटकों की पहली पसंद है। इन्हीं धरोहरों को देखने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से पर्यटक चंबा पहुंचते हैं और यहां की खूबसूरती का दीदार करते है।
पर्यटकों के लिए यह शहर इसी तरह से खास बना रहे इसके लिए शहर की प्राचीन धरोहरों को बचाने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है ताकि आने वाले समय में टूरिज्म की दृष्टि से चंबा को और अधिक विकसित किया जा सके। यहां की धरोहरों की बात की जाए तो चंबा शहर का लक्ष्मी नारायण मंदिर 1000 साल से शहर की खूबसूरती और धार्मिक दृष्टि से अपनी और आकर्षित करता है इसके अलावा चंबा का म्यूजियम जहां पर चंबा शहर की प्राचीन वस्तुएं आपको देखने को मिलेगी, इस म्यूजियम में रखी गई है जिन्हें देखने के लिए देश-विदेश के पर्यटक काफी उत्सुक रहते है, हालांकि इस शहर की कई ऐसी इमारतें हैं जो चंबा शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। यही कारण है कि इन पुरानी हेरिटेज इमारतों को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है।
चंबा शहर को ओर अधिक पर्यटन गतिविधियों के साथ जोड़ने के लिए इन धरोहरों में जिला प्रशासन के माध्यम से कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाते हैं ताकि अधिक से अधिक पर्यटक चंबा की ओर आकर्षित हो सकें। जिला प्रशासन की ओर से चंबा के अलग अलग पर्यटन स्थलों पर हेरिटेज वॉक का आयोजन किया जा रहा है । इन हेरिटेज वॉक के माध्यम से पर्यटकों को उस स्थान के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ ही ऐतिहासिक धरोहरों में घुमाया भी जा रहा है। चंबा के भरमौर डलहौजी और चंबा में कई पुरानी हेरिटेज शामिल है और डीसी दुनी चंद राणा की अगुवाई में इन पुरानी हेरिटेज को बचाने के लिए काफी बेहतरीन प्रयास किए जा रहे है,जो अपने आप में काबिले तारीफ़ है।
वहीं दूसरी ओर डीसी चंबा दुनी चंद राणा ने बताया कि चंबा शहर का इतिहास एक हजार साल पुराना है और भरमौर का इतिहास 1500 साल पुराना है चंबा शहर में कई ऐसी प्राचीन हेरिटेज है जो यहां की खूबसूरती को बढ़ाती है। चैंबर शहर के पुराने मंदिर और अधिक खूबसूरती को बढ़ाते है उन्हे पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम करवाए जाते है ताकि अधिक से अधिक टूरिज्म हेरिटेज के साथ जोड़ा जाए और आने वाले समय में इसके बेहतरीन नतीजे देखने को मिले। जिला प्रशासन के माध्यम से डलहौजी के अलग-अलग क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जा रहे है, की इन पुरानी हेरिटेज को विश्व मानचित्र पर लाया जा सके और चंबा जिला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा सके।
