सचिन शर्मा, केलांग : हिमाचल प्रदेश हमेशा अपनी विशेष संस्कृति, लोक शिल्प एवं लोक कलाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। प्रदेश को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। राज्य की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध हैं। प्रदेश में अनेक मेले एवं त्यौहार मनाए जाते हैं, जिनमें समृद्ध संस्कृति, कला और जन आस्था की जीवंत छवि देखने को मिलती है। यह बात तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ.रामलाल मारकंडा ने रविवार को उदयपुर उपमंडल के त्रिलोकनाथ में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पौरी मेला समारोह के अंतिम दिन त्रिलोकनाथ मंदिर से मणिमहेश के लिए श्रद्धालुओं के जत्थे को रवाना करने के दौरान कही ।
डाॅ. मार्कंडेय ने कहा मेले हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द के संवर्धन में अहम भूमिका निभा रहे है। यह हम सबका दायित्व है कि हम इन परंपराओं के संवर्धन में अपना यथासंभव सहयोग दें। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जहां आधुनिकता की चकाचौंध में अपनी सांस्कृतिक एवं नैतिक दायित्वों को भूल रहे हैं, इस स्थिति में हम सब को प्रहरी बन कर सांस्कृतिक परंपराओं को संजोए रखना है। उन्होंने कहा कि मेले और त्योहार हमें अपने पूर्वजों से विरासत में मिले हैं जिनका आयोजन पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मूल्यवान विरासतों को संजोए रखना जरूरी है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल सरकार मंदिरों के सौन्दर्यकरण और उनमें विभिन्न सुविधाएं विकसित करने पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर विभिन्न अवसरों पर मेलों का आयोजन किया जाता है जो समाज में समरस्ता और मेलजोल की संस्कृति को बढ़ावा देते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग अवसरों पर आयोजित होने वाले मेलों के आयोजनों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पौरी मेला को और बेहतर बनाने के लिए हम सबको मिलजुल कर कार्य करना चाहिए।
पौरी मेला ग्राउंड से मणिमहेश के लिए शिव पार्वती के जयकारों के बीच सैंकड़ों श्रद्धालुओं का आखिरी जत्था रवाना हुआ जो पांच पड़ाव के बाद कुगती जोत होकर छठे दिन मणिमहेश होकर डल झील पहुंचेंगे। ऐसी मान्यता है कि लाहौल से पैदल इस छड़ी यात्रा के माध्यम से लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने मेला कमेटी को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सदस्यों की कड़ी मेहनत और स्थानीय लोगों के सहयोग से मेले का सफलतापूर्वक आयोजन सुनिश्चित हुआ है।
इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम उदयपुर निशांत तोमर, एसी डाॅ.रोहित शर्मा, बीडीओ डाॅ.विवेक गुलेरिया, टीएसी मेंबर शमशेर सिंह, अधिषाषी अभियंता बीसी नेगी, प्रधान त्रिलोकनाथ दिनेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न महिला, युवक मंडलों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
