शिमला : ओरेंज अलर्ट के बीच पिछले दो दिनों में बरसात ने हिमाचल प्रदेश में भयावह रूप धारण कर लिया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्राकृतिक आपदाओं में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। मंडी, चंबा और कांगड़ा जिला में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि आधा दर्जन लोग लापता है। करोड़ों की निजी व सरकारी संपत्ति इस आपदा में नष्ट हो चुकी है। बारिश की वजह से प्रदेश में हुए इस जान माल के नुक़सान पर कांग्रेस पार्टी ने चिंता व्यक्त की है और इस आपदा का ग्रास बने लोगों और परिवारों के प्रति सवेंदना प्रकट की है।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि बरसात ने अकेले मंडी जिले में ही 16 से ज्यादा जानें ली है। जिले में नाचन की ग्राम पंचायत काशन के गांव झड़ोंन में भूस्खलन के कारण बच्चों समेत एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मृत्यु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और दुःखद घटना है। कांग्रेस पार्टी इस हादसे पर खेद व्यक्त करती है और ईश्वर से प्रार्थना करती है कि जिन परिवारजनों ने इस आपदा में अपनों खोया है उन्हें इस पीड़ा की घड़ी में ताकत दे व दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि मंडी के ही द्रंग विधानसभा क्षेत्र में बादल फटने से ओल्ड कटौला के संदोआ में सात लोग लापता है। वहीं मौसम ने चंबा में तीन, शिमला के ठियोग और कांगड़ा जिला में भी दो-दो लोगों को मृत्यु का ग्रास बनाया। कांगड़ा जिले में अंग्रेजों के जमाने का बना रेलवे का पुल नष्ट हो गया है। भूस्खलन और बाढ़ की वजह से प्रदेश में शनिवार शाम तक 268 सड़कें, 500 बिजली ट्रांसफार्मर और 140 पेयजल योजनाएं बंद थी। लगभग 80 मकान क्षतिग्रस्त हुए है थे। शनिवार को भी प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी था।
नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार से गुहार लगाती है कि जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों को मुवावजा व अन्य सहायता देकर राहत दे। जिला प्रशासन से निवेदन है कि प्रभावित हुई सड़कों व सेवाओं तो त्वरित कार्यवाही कर सुचारु कर लोगों को राहत दे। साथ ही साथ पार्टी सरकार से यह भी निवेदन करती है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु सभी स्कूलों में कुछ दिनों का अवकाश घोषित किया जाए।
