विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं पर जब जमीन पर काम होगा तो निश्चित तौर पर आर्थिक रूप से अक्षम परिवारों के भी अच्छे दिन आएंगे। यह बात समाजसेवी कैप्टन संजय पराशर ने मंलगवार को कस्बा जागीर में आयोजित 42वें महायज्ञ के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि गरीब आदमी को सरकार से सबसे ज्यादा अपेक्षाएं होती है, इसलिए गरीबी उन्मूलन के लिए सरकार की ओर से की जा रही योजनाओं काे सही तरीके से क्रियान्वयन होना चाहिए। पराशर ने कहा कि समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए सबसे पहले रोजगार के नए साधनों का सृजन करना होगाl
उन्होंने कहा कि स्कूलों या कॉलेजों में जब पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं होता है ताे कई अभिभावक अपने बच्चों को अन्य कस्बे या शहरों के शिक्षण संस्थानों में भेज देतेहै,लेकिन गरीब मां-बाप के बच्चों के पास काेई विकल्प नहीं होता है। पराशर ने कहा कि दुखद बात है कि जसवां-परागपुर क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में पूरा स्टाफ नहीं है। विद्यार्थी इस अव्यवस्था का शिकार हो रहे हैं और निस्संदेह उनके भविष्य से भी खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुविधाओं की कमी का असर गरीब की सेहत पर ही पड़ता है। जो व्यक्ति सक्षम होता है, वह अपना इलाज कहीं भी करवा सकता है, लेकिन गरीब परिवार का कोई सदस्य बीमार हो जाए तो उसके लिए इस स्थिति को संभालना बेहद मुश्किल होता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के स्थानीय अस्पतालों में अब भी स्टाफ, दवाईयों व मेडीकल उपकरणों की कमी बनी हुई है। गंभीर बीमारी होने पर स्वास्थ्य संस्थान रेफरल बने हुए है। लाजिमी है कि ऐसी हालत में गरीब मरीज का फिर भगवान ही रखवाला होता है। संजय ने कहा कि अगर किसी के पास अच्छा रोजगार हो तो वह अपने परिवार के साथ समाज के लिए भी कुछ कर सकता है, लेकिन विडंबना है कि क्षेत्र में बेरोगजारी की समस्या से निपटने के लिए न कभी चर्चा हुई और न ही इसे लेकर गंभीरता से प्रयास किए गए। इन कार्यों के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और जुननू से काम करने की आवश्यकता है।
संजय पराशर ने कहा कि अगर उन्हें क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है ताे वह सरकार की सारी योजनाओं को आम आदमी के घर-द्वार तक पुहंचाएंगे। सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत किया जाएगा और क्षेत्र के सभी अस्पतालों में विभिन्न बीमारियों के टेस्ट करवाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। गरीबी उन्मूलन के लिए आवास योजना के तहत एक हजार मकानों का निर्माण पहले वर्ष में ही करवा जाएगा। इसके अलावा बेरोजगारी काे दूर करने के लिए प्रभावी तरीके से काम किया जाएगा और पांच वर्ष 25,000 नौकरियां देने का सार्थक प्रयास किया जाएगा।
