नालागढ़/जगत सिंह – जयराम सरकार अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में चुनावो के मद्देनजर लोगों को लुभाने के लिए ताबड़तोड़ कभी स्कूलों को अपग्रेड कर रहे हैं और कई जगह पर नए नए कॉलेज खोलने की घोषणा कर रहे हैं ।इसकी नोटिफिकेशन भी जारी कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश में जो पहले ही कॉलेज खुले हैं उन्हें ना तो बिल्डिंग नसीब हुई है और ना ही पर्याप्त प्रोफेसर और स्टाफ उन कॉलेजों में है। जिसके चलते कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं की पढ़ाई से खिलवाड़ होता हुआ नजर आ रहा है। ताजा मामला नालागढ़ के तहत पहाड़ी हलके राम लशहर का है , जहां पर पूर्व में रही कांग्रेस की सरकार द्वारा डिग्री कॉलेज को खोल दिया गया था ,लेकिन डिग्री कॉलेज खोलने के 5 साल बाद भी यहां पर न तो बिल्डिंग उपलब्ध हो पाई है और ना ही पर्याप्त कॉलेज में प्रोफेसर है और जो कॉलेज में प्रोफेसर बच्चों को पढ़ा भी रहे थे, उन्हें अब हिमाचल प्रदेश की भाजपा की सरकार डेपुटेशन पर वहां भेज रही है जहां पर पर नए कॉलेजों को खोलने की नोटिफिकेशन जारी की गई है ।
इसी के चलते बुधवार को रामशहर के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एकत्रित होकर रामशहर के मेन चौक पर पहुंचकर नालागढ़-रामशहर मार्ग को पूरी तरह से जाम लगा दिया और प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ छात्र छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की और जल्द ही कॉलेज के प्रोफेसरों को डेपुटेशन से हटाकर उनके कॉलेज में वापस भेजने की मांग उठाई गई है।
बता दें कि रामशहर कॉलेज की छात्र छात्राओं ने करीबन आधे घंटे तक नालागढ़ रामशहर मार्ग पर जाम लगा रखा। जिसके चलते सड़क की दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लंबी कतारें लग गई । सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और उनके द्वारा नाराज चल रहे छात्र छात्राओं को समझाने के बाद जाम खुलवाया गया।
बता दें कि रामशहर के अभिभावकों और छात्र छात्राओं में खासा रोष देखा जा रहा है क्योंकि राम शहर में कॉलेज तो बना दिया गया लेकिन उसके बावजूद जिस हिसाब से कॉलेज में प्रोफेसर और स्टाफ की तैनाती होनी चाहिए ,बिल्डिंग होनी चाहिए वह आज भी सुविधाएं उनको नहीं मिल पा रही है। उल्टा जो प्रोफेसर कॉलेज में पढ़ा रहे हैं उन्हें भी डेपुटेशन पर नालागढ़ के वरुणा में नए कॉलेज की नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भेजा जा रहा है। जिसके चलते राम शहर के कॉलेज में सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
छात्रों और उनके अभिभावकों ने सरकार व प्रशासन को चेतावनी देकर कहा है कि अगर जल्द ही डेपुटेशन पर भेजे गए प्रोफेसरों की तैनाती रामशहर कॉलेज में नहीं की गई तो वह आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे , जिसकी जिम्मेवारी सरकार व प्रशासन की होगी।
गौरतलब है कि सरकार का अंतिम साल चल रहा है और सरकार एक के बाद एक नए कॉलेजों और स्कूलों को अपग्रेड करने की नोटिफिकेशन जारी कर रही है । नोटिफिकेशन तो की जा रही है लेकिन ना तो कॉलेजों के लिए पर्याप्त बिल्डिंग का प्रावधान है और ना ही कॉलेजों में पढ़ाने के लिए बच्चों के बैठने उठने और खेलकूद के लिए मैदान व अन्य प्रकार की सुविधाएं हैं । स्टाफ और प्रोफेसरों की तो बहुत ज्यादा कमी है।
सरकार की ओर से डेपुटेशन पर भेजा गया
रामशहर कॉलेज के इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर व प्रिंसिपल सतविन्द्र से बातचीत की तो उनका कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें डेपुटेशन पर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि वह सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि दो प्रोफेसरों को डेपुटेशन के लिए वरुणा भेजा गया है ,जिसमें वह 3 दिन वरुणा और 3 दिन रामशहर में अपनी सेवाएं देंगे।
