नूरपुर/संजीव महाजनकेरल के वायनाड में आई भीषण त्रासदी में लापता हुए जिला कांगड़ा के फतेहपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत टकोली घिरथा निवासी इंजीनियर विक्रम सिंह (50) का शव छह दिन बाद रविवार दोपहर करीब 12 बजे बरामद कर लिया गया। शव मिलने की पुष्टि के साथ ही परिवार की अपने प्रियजन के सकुशल लौटने की उम्मीदें समाप्त हो गईं और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
विक्रम सिंह, रंजीत सिंह के पुत्र थे और डीबीएल कंपनी में बतौर इंजीनियर कार्यरत थे। वह कार्य के सिलसिले में केरल के वायनाड में मौजूद थे। परिजनों के अनुसार उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर सोमवार तक पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है।विक्रम के भाई कुलवंत सिंह और प्रमोद राणा ने बताया कि वे 8 जुलाई को वायनाड पहुंच गए थे। केरल सरकार और स्थानीय प्रशासन ने खोज अभियान में पूरा सहयोग दिया। कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार को उनका शव बरामद हुआ।परिजनों ने बताया कि 7 जुलाई की सुबह करीब 11:09 बजे के बाद विक्रम से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। इसके बाद परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लगातार प्रार्थना करता रहा, लेकिन रविवार को मिली दुखद सूचना ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया।परिवार के अनुसार पिछले छह दिनों से घर में चूल्हा तक नहीं जला था। सभी सदस्य और रिश्तेदार उनकी सकुशल वापसी की आस लगाए बैठे थे। शव मिलने की सूचना के बाद घर का माहौल गमगीन हो गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।विक्रम सिंह के निधन से टकोली घिरथा पंचायत सहित पूरे फतेहपुर क्षेत्र में शोक व्याप्त है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
