मंडी/परी शर्मा: छोटी काशी मंडी में एक बार फिर राजनीति अपनी चरम सीमा पर तपती नजर आ रही है। पोस्टर वॉर की राजनीति इन दिनों जिला में चल रही है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार जैसे ही परिवार को भाजपा में शामिल करने का ऐलान किया तो कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में संचार क्रांति के मसीहा पंडित सुखराम व उनके पोते आश्रय शर्मा के पोस्टर रातों-रात ही गायब हो गए। अनिल शर्मा के भाजपा से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद अब, जहां भाजपा के दावेदार भूमिगत हो गए हैं , तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस में मंडी विधानसभा क्षेत्र से टिकट की चाह रखने वाले दावेदार एकाएक सक्रिय हो गए हैं और एकाएक बैठकों का दौर जारी है।
गौरतलब है कि हिमाचल की राजनीति में पंडित सुखराम को चाणक्य के नाम से जाना जाता था और उनकी चाणक्य नीति के सामने सारे दल पानी भरते हुए नजर आते थे, लेकिन अब परिस्थिति बदल चुकी है। पंडित सुखराम की मृत्यु के बाद अब पूरा शर्मा परिवार एक साथ हो गया है और भाजपा के लिए ही इस चुनाव में कार्य करेगा। अनिल शर्मा द्वारा यह बयान देने के बाद कांग्रेस पार्टी कार्यालय मंडी में पोस्टर में बड़ा उलटफेर हुआ है। आश्रय शर्मा व पंडित सुखराम के पोस्टर को हटा दिया गया है । जिसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के समर्थक भी अब असमंजस की स्थिति में है।
