अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना मददगार साबित होने लगी हैं। यह योजना अपने उद्देश्य की पूर्ति कर रही है और इसी के तहत युवाओं का जो सपना उन्होंने अपने रोजगार को स्थापित करने के लिए देखा था वह भी सरकार होने लगा हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हमीरपुर शहर में देखने को मिला हैं।
इसी योजना का लाभ उठाकर हमीरपुर शहर के हीरानगर के एक युवा अनुपम शर्मा ने अपने सपनों को साकार किया और आज वह ‘निरामया आयुर्वेदा’ के नाम से एक ऐसा आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित कर रहे हैं, जिसमें भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद से संबंधित संपूर्ण एवं समग्र उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही हैं। योग, आयुर्वेद, पंचकर्मा, आहार चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, नेचुरोपैथी और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति से संबंधित की जाने वाली लगभग सभी क्रियाओं की सुविधा इस अस्पताल में उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत मिले ऋण एवं सब्सिडी के कारण ही यह संभव हो पाया हैं।
अनुपम शर्मा ने बताया कि योग और आयुर्वेद की लगातार बढ़ती लोकप्रियता ओर इस क्षेत्र में स्वरोजगार की असीम संभावनाओं को देखते हुए वह एक बेहतरीन अस्पताल खोलना चाहते थे, लेकिन पैसे की कमी के कारण उनका यह सपना साकार नहीं हो पा रहा था। इसी बीच उन्हें उद्योग विभाग के अधिकारियों से हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने अस्पताल में मशीनरी एवं उपकरण स्थापित करने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की ओर मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से वित्तीय मदद के लिए आवेदन किया। इसके बाद उन्हें जो पैसा योजना के तहत लोन से प्राप्त हुआ उससे वह अपना सपना साकार करने में सफल हो पाएं हैं।
पतंजलि वैलनेस निरामया आयुर्वेदा अस्पताल में कार्यरत डॉ. नितिका शर्मा ने बताया कि हीरानगर में बड़ी संख्या में लोग योग, आयुर्वेद, पंचकर्मा, आहार चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, नेचुरोपैथी और अन्य पारंपरिक चिकित्सकीय क्रियाओं के माध्यम से अपना उपचार करवा रहे हैं।
बता दें कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत अनुपम शर्मा को बैंक से 12 लाख रुपये का ऋण और सब्सिडी भी मिली। बैंक से ऋण मिलते ही अनुपम शर्मा ने निरामया आयुर्वेदा अस्पताल में मशीनरी एवं उपकरण स्थापित किए ओर मरीजों के लिए एक ही छत के नीचे कई पारंपरिक चिकित्सकीय क्रियाएं आरंभ की। बेहतरीन इनफ्रास्ट्रक्चर के कारण अब इस अस्पताल को पतंजलि वैलनेस सेंटर के रूप में भी मान्यता मिल गई हैं।
किसी भी युवा का उद्यमी बनने का सपना हो या अपना कारोबार आरंभ करने की इच्छा या फिर नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपने स्तर पर ही स्वरोजगार के लिए कुछ नया करने का जज्बा हो तो ऐसे युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को नए पंख हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना प्रदान कर रही हैं।
