बिलासपुर : सुभाष ठाकुर ( TSN)- मानसून के दौरान अनवरत भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश को प्राकृतिक संकट और आपदा का सामना करना पड़ा। सीपीएस मोहनलाल ब्राकटा ने कहा कि प्रदेश में जुलाई माह में सामान्य से 21 प्रतिशत और अगस्त माह में 29 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।लगभग तीन माह तक आपदा की परिघटनाओं में मानव कियाकलाप अवरुद्ध हुए और जन धन की भारी हानि हुई।राज्य में 498 लोग काल का ग्रास बन गए और 3500 घर पूर्णतया व 13 हजार घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। प्रदेश में किसानों व बागवानों को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
प्रदेश सरकार ने 18 अगस्त, 2023 को पूरे प्रदेश को प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया। इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने विशेष राहत पैकेज तैयार किया है। इस पैकेज में राज्य में आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद प्रदान करने के लिए अनेक प्रावधान किए है।सीपीएस मोहनलाल ब्राकटा ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए पहले दिन से ही हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के तहत 750 करोड़ राहत राशि एवं आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए जिलों को जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोक निर्माण एवं जल शक्ति विभाग को विभिन्न परियोजनाओं के पुनर्निर्माण एवं बहाली के लिए 829 करोड़ रुपये अभी तक जारी किये हैं। इसके अतिरिक्त इन विभागों को 671 करोड़ रुपये पुनर्निर्माण एवं बहाली के लिए शीघ्र जारी किये जाएंगे।
सीपीएस मोहनलाल ब्राकटा ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा से प्रभावित परिवार जो कि राहत शिविरों में रह रहे हैं, उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में किराये के मकान में रहने के लिए 5000 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 10000 रुपये किराये के रूप में अगले 6 महीनों तक के लिए प्रदान करेगी। राज्य सरकार इस त्रासदी से निपटने के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रही है। सरकार, प्रदेशवासियों को हर संभव सहायता प्रदान करने और इस आपदा से उबर कर राज्य को एक विकसित राज्य बनाने के अपने संकल्प के साथ दृढ़ता से निरंतर आगे बढ़ रही है।
