नाहन,सतीश शर्मा(TSN)-जिला सिरमौर की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत जिले में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे उत्पाद उनकी आर्थिकी को मजबूत कर रहे है।यह रिपोर्ट देखिए।
सिरमौर जिले में अब तक 04 हजार स्वयं सहायता समूह बनाए गए है जिनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त करना है।इन महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों का ग्रामीण आजीविका मिशंन के तहत हिम ईरा ब्रांड नाम से विक्रय केंद्रों का संचालन किया जा रहा है तथा इन हिम ईरा ब्रांड के माध्यम से लोगों को कम मूल्य पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के गुणात्मक उत्पाद उपलब्ध करवाए जा रहे है स्थानीय लोगों को गुणात्मक उत्पाद हिम ईरा विक्रय केन्द्रों के माध्यम से उपलब्ध हो रहे हैं,जिससे न केवल स्वंय सहायता से जूडी महिलाएं बल्कि स्थानीय लोग भी लाभान्वित हो रहे है।
हिम ईरा दुकानों के जरिए लोगो तक पहुंच रहे उत्पाद
हिमईरा ब्रांड बिक्री केंद्र पर पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि यहां पर उन्हें गुणवत्ता से पूर्ण उत्पाद मिलते हैं और अक्सर वह यहाँ से उत्पादो की ख़रीदारी करते है।शक्तिपीठ त्रिलोकपुर परिसर में हिम ईरा दुकानों पर पहुँचे हरियाणा राज्य से पहुँचे अजित सिंह ने बताया कि इन केंद्रों में अच्छे किस्म के उत्पादन मिलते है।वही एक अन्य ग्राहक सरिता शर्मा ने बताया कि हिम ईरा की दुकानों पर महिलाओं द्वारा स्थानीय स्तर पर बहुत अच्छे उत्पाद बनाए जा रहे है और जो भी उत्पादन के द्वारा बनाए जाते इसमें किसी भी प्रकार की केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.उन्होंने कहा कि वह पहले भी कई बार इन दुकानों से खरीदारी कर चुकी है।
स्वावलंबन की तरफ बढ़ रही है समूहो से जुड़ी महिलाएं
दुर्गा स्वयं सहायता समूह की प्रधान सीमा शर्मा ने बताया कि सरकार की तरफ से उन्हें हिम ईरा दुकान बना कर दी गई है जिसके जरिए वह आसानी से अपने उत्पाद लोगों तक पहुंच पा रहे है।उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के उत्पाद समूह की महिलाओं द्वारा बेचे जा रहे हैं जो उन्हें खुद तैयार किए है। उन्होंने कहा कि हाल में त्यौहारी सीजन में भी महिलाओं की बड़ी मात्रा में उत्पादों की बिक्री हुई है महिलाओं को अच्छी आमदनी हुई है। उन्होंने कहा कि त्रिलोकपुर में बाहरी राज्य से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं जो उनके द्वारा तैयार की गई उत्पादों को पसंद करते है।
स्वयं सहायता समूह की सचिव सुषमा ने कहा कि सभी महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बेहद खुश है और अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रही है उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा यहां पर मोमबत्ती, दीये, साबुन आदि कई तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे है। निश्चित तौर पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए कारगर साबित हो रहे हैं और इन्हें आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ा रहे है।
