मंडी,धर्मवीर(TSN)-प्रदेश में पिछले दो दिनों से बारिश और बर्फबारी का दौर लगातार जारी है।मंडी जिला में इस बारिश और बर्फबारी से चलते एक बार फिर हालात बिगड़ना शुरू हो गए हैं।पिछले कुछ सालों से वाहन चालको के लिए मुसीबत बन चुके चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी के 4 मील से 9 मील के बीच की पहाड़ियां एक बार फिर दरकना शुरू हो गई हैं।आज करीब साढ़े 4 बजे चार मील के पास पहाड़ी से एकाएक भारी मात्रा में मलबा आया गया।इस लैंडस्लाइड के कारण हाईवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन हो गई है।यह वही प्वाइंट जहां कुछ माह पहले व्यास नदी की ओर से डंगा भरभरा कर गिर गया था।जिसके बाद फोरलेन निर्माणाधीन कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी कई तरह के सवाल खड़े हुए थे।
4 मील के पास हुआ भारी लैंडस्लाइड
बता दें कि इस नेशनल हाईवे पर पिछले कई सालों से फोरलेन का निर्माण कार्य भी जारी है।बरसात के समय 4 मील से 9 मील तक अक्सर यहां लैंडस्लाइड की घटनाएं पेश आती रहती हैं।इन घटनाओं से जहां कई लोग घायल हुए है, वहीं कई अकाल मौत की भी ग्रास बन चुके हैं।2023 की बरसात में भी 4 मील से 9 मील तक भंयकर तबाही का मंजर देखने को मिला था।2024 की बरसात में भी यहां कई बार लैंडस्लाइड हुए हैं,लेकिन अब यह पहाड़ियां सर्दियों की बरसात भी नहीं झेल पा रही हैं।एएसपी मंडी सागर चंद्र ने बताया कि 4 मील से मलबे को हटाकर ट्रैफिक को एकतरफा बहाल कर दिया गया है।4 से 9 मील तक रूक रूक कर लैंडस्लाइड अभी भी जारी है।उन्होंने वाहन चालकों से इस नेशनल हाइवे पर संभलकर चलने की अपील की है।
विश्वकर्मा की पहाड़़ी फिर दरकना शुरू:
उधर,मंडी शहर के विश्वकर्मा चौक के सामने की थनेहड़ा मोहल्ला की पहाड़ी भी एक बार फिर दरकना शुरू हो गई है। वीरवार शाम से यहां पर रूक-रूक कर लैंडस्लाइड हो रहा है,खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने यहां से वाहनों की आवाजाही फिलहाल बंद कर दी है।बतां दे कि 2023 की आपदा में विश्वकर्मा के सामने यह पहाड़ी दरक गई थी और कुछेक घरों को भी नुक्सान पहुंचा था। 2024 की बरसात में प्रशासन ने तिरपाल लगाकर इस पहाड़ी को बचाया।कुछ दिन पहले ही यहां से तिरपाल को हटाया गया था।लेकिन दो दिनों से हो रही बारिश के बाद यह पहाड़ी फिर से दरकना शुरू हो गई है,जिससे यहां लगातार खतरा बना हुआ है।
