मंडी,धर्मवीर(TSN)-पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का कहना है कि प्रदेश की सुक्खू सरकार मंदिरों के सोने-चांदी और पैसों से अपनी सरकार को बचाना और चलाना चाह रही है।यही कारण है कि सीएम की नजर अब आम जनता के उन पैसों पर पड़ गई है जिसे उन्होंने अपनी आस्था और श्रद्धा के तहत मंदिरों में अर्पित किया है।मंडी जिला के सुंदरनगर में पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ऐसे निर्णय लेने की आदत बन गई है जिससे जगहंसाई होती हो।जिस पार्टी के नेता सनातन का विरोध करते हुए महाकुंभ पर टिप्पणीयां कर रहे थे और जिस सीएम ने सत्ता संभालने पर यह कहा था कि वे हिंदूवादी पार्टी को हराकर सत्ता में आए हैं,आज उसी पार्टी की सरकार मंदिरों और ट्रस्टों के पैसों पर अपनी नजर गढ़ाए बैठी है।जिलाधीशों पर इन पैसों को जल्दी से जल्दी जमा करवाने का दबाव बनाया जा रहा है।
मैंने पहले ही जता दिया था इस पर अंदेशा,अब सच हुआ साबित
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि प्रदेश पर कभी आपदा का संकट आए,कोई बड़ी घटना या दुर्घटना हो जाए या फिर कोई महामारी फैल जाए तो ऐसी स्थिति में मंदिरों और ट्रस्टों से मदद ली जा सकती है।लेकिन प्रदेश में अभी ऐसी कोई परिस्थिति है ही नहीं।सरकार अपनी योजनाओं को चलाने के लिए इन पैसों का इस्तेमाल करना चाह रही है।जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने पिछले विधानसभा सत्र में ही इस बात का अंदेशा जता दिया था कि सरकार की नजर मंदिरों के सोने-चांदी और पैसों पर है।अब सरकार ने उसकी नोटिफिकेशन जारी करके इस बात को सही साबित कर दिया है।उन्होंने कहा कि वे इसका विरोध करते हैं और विधानसभा के अंदर और बाहर डटकर इसका विरोध किया जाएगा।
मंदिरों के पैसों पर है सरकार की नजर
जयराम ठाकुर ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पूर्व सरकार की सभी योजनाओं को बंद कर दिया।जो संस्थान खोले थे उन्हें भी बंद कर दिया।बावजूद इसके ऐसी स्थिति आ गई है कि सरकार के पास वेतन और पेंशन देने तक के लिए पैसे नहीं हैं,जिसके बाद अब नजर मंदिरों और ट्रस्टों के पैसों पर पड़ी है।
