By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: IT छोड़ फूलों की खेती से रच दी सफलता की कहानी.. भाग सिंह कमा रहे लाखों
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > Business /Employement > IT छोड़ फूलों की खेती से रच दी सफलता की कहानी.. भाग सिंह कमा रहे लाखों
Business /Employementhimachal

IT छोड़ फूलों की खेती से रच दी सफलता की कहानी.. भाग सिंह कमा रहे लाखों

Chandrika
Chandrika 3 Min Read
Updated 2025/05/05 at 2:56 PM
Share

Mandi, Dharamveer (TSN)– जब अधिकांश युवा सरकारी नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, ऐसे में मंडी जिले के गोहर उपमंडल के चरखा गांव निवासी भाग सिंह ने एक अलग राह चुनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़ उन्होंने फूलों की खेती को अपनाया और अब वे हर साल लगभग 12 लाख रुपये की आमदनी कर रहे हैं।

 

पॉलीहाउस तकनीक से बने आत्मनिर्भर किसान

भाग सिंह ने वर्ष 2020 में हिमाचल पुष्प क्रांति योजना और एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत तीन पॉलीहाउस लगाकर कार्नेशन फूलों की खेती शुरू की। शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने 2022, 2023 और 2024 में खेती का विस्तार करते हुए अतिरिक्त पॉलीहाउस स्थापित किए। आज वे लगभग 1700 वर्ग मीटर क्षेत्र में कार्नेशन, स्प्रे कार्नेशन, स्टोमा और जिप्सो जैसी प्रजातियों के फूल उगा रहे हैं, जिनकी आपूर्ति वे दिल्ली की फूल मंडियों में करते हैं।

भाग सिंह बताते हैं कि अब तक इस व्यवसाय पर उन्होंने लगभग 20 लाख रुपये का निवेश किया है, जिसमें से 15-16 लाख रुपये तक की सब्सिडी उन्हें सरकार की योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त हुई है। उनका कहना है कि सरकार से मिली सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन से यह कार्य आसान और लाभकारी बन गया है।उन्होंने कहा कि युवाओं को चाहिए कि नौकरी के पीछे भागने की बजाय कृषि और पुष्प उत्पादन जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाशें। मैं आज हर महीने करीब एक लाख रुपये कमा रहा हूं, और कई युवा मेरे काम से प्रेरित होकर इस क्षेत्र से जुड़ रहे हैं.

सरकारी योजनाओं का उठाया लाभ

सरकार द्वारा चलाई जा रही हिमाचल पुष्प क्रांति योजना के तहत फूल उत्पादकों को पॉलीहाउस, शेड नेट, ड्रिप सिंचाई, स्पोर्टिंग नेट जैसी सुविधाओं पर 85% तक सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा फूलों के परिवहन में बस किराए पर 25% की छूट और आवारा पशुओं से सुरक्षा के लिए सौर ऊर्जा आधारित बाड़ पर भी सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

भाग सिंह की सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर कृषि को भी एक लाभदायक व्यवसाय में बदला जा सकता है.

TAGGED: Mandi Flowers Farming
Chandrika May 5, 2025
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article भारत की सांस्कृतिक आत्मा की भौगोलिक यात्रा’ विषयक पुस्तक का HPU में विमोचन
Next Article BJP प्रवक्ता बोले..हिमाचल में पाक नागरिकों की पहचान पर कांग्रेस उदासीन
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

बिलासपुर में नारी शक्ति सम्मान समारोह संपन्न, रोहित ठाकुर ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं

Ago

घुमारवीं में कल गूंजेगा अखाड़ा, चैहड़ दंगल में देशभर के पहलवानों की टक्कर

Ago

हिमकोफेड निदेशक नियुक्ति पर आशीष ठाकुर का बिलासपुर में स्वागत, आभार रैली में दिखा उत्साह

Ago

कांगड़ा में 51 ब्लैक स्पॉट चिन्हित, सड़क सुधार के लिए प्रशासन ने मांगे प्रस्ताव

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?