Shimla, 21 May-विमल नेगी मौत मामले को लेकर सामने आ रहे तथ्य प्रदेश की कानून व्यवस्था और शासन की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।ये बात नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कही. उन्होंने कहा कि हमने पहले दिन से आशंका जताई थी कि इस संवेदनशील मामले में तथ्यों से छेड़छाड़ की जाएगी और अब सामने आ रही जानकारी यह साबित कर रही है कि हमारी आशंका निराधार नहीं थी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि विमल नेगी के शव के पास बरामद पेनड्राइव को रिकॉर्ड में शामिल क्यों नहीं किया गया? उसे बिना उचित प्रक्रिया के फॉरेंसिक साइंस लैब को फॉर्मेट करके क्यों भेजा गया? क्या यह साक्ष्य मिटाने की साजिश है? और इसके पीछे कौन लोग हैं?
डीजीपी की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि एसपी शिमला ने दो बार बुलाने पर भी जांच में सहयोग नहीं किया और उल्टा अनावश्यक हस्तक्षेप कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। एसीएस होम की रिपोर्ट भी कई ऐसे संकेत देती है जो पूरे मामले को दबाने की कोशिश की ओर इशारा करती है।इस सबके बावजूद, सरकार सीबीआई जांच से क्यों भाग रही है? यह वही सवाल है जो आज हिमाचल की जनता भी पूछ रही है।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की हैं कि इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश तुरंत दिए जाएं.
