Bilaspur,Subhash-:हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले से सटे बंदला क्षेत्र के ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। पंचायत प्रधान सतीश कुमार और राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला बंदला की एसएमसी प्रधान शांता देवी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार को दो अहम मुद्दों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
एक शिक्षक पर 62 बच्चों की पढ़ाई का बोझ
ग्रामीणों ने सबसे पहले प्राथमिक केंद्र पाठशाला की स्थिति पर चिंता जताई। उनके अनुसार विद्यालय में कुल 62 छात्र हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए केवल एक ही अध्यापक तैनात है। अभिभावकों का कहना है कि अकेला शिक्षक सभी कक्षाओं का बोझ संभाल नहीं पा रहा, जिससे बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। वार्षिक परीक्षाएं नज़दीक होने के कारण माता-पिता बच्चों के परिणाम को लेकर पहले से ही चिंता में हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द डेपुटेशन पर एक अतिरिक्त अध्यापक भेजा जाए, ताकि बच्चे बिना बाधा पढ़ाई जारी रख सकें।
पटवार सर्किल शिफ्ट करने की मांग
दूसरी प्रमुख समस्या पटवार सर्किल से जुड़ी है। वर्तमान में बंदला पंचायत का राजस्व कार्य मार्कण्ड पटवार सर्किल से संचालित होता है, जो यहाँ से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। धमना, बदसौर, बंदला, प्रनाली और आसपास के अन्य गांवों के लोगों को रेवेन्यू संबंधित कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बंदला में ही नया पटवार सर्किल खोला जाए या फिर धमना मिडल स्कूल के छह माह से खाली पड़े दो मंजिला भवन में बंदला और शिहड़ा के संयुक्त पटवार सर्किल की व्यवस्था कर दी जाए।
पंचायत प्रधान सतीश कुमार और एसएमसी प्रधान शांता देवी ने कहा कि यदि प्रशासन इन दोनों मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करता है तो हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और बच्चों की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। ग्रामीणों की बात सुनने के बाद उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने आश्वासन दिया कि दोनों मुद्दों पर प्राथमिकता देते हुए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
