Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर में महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से एक दिवसीय महिला जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हमीरपुर स्थित एनजीओ भवन में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन विद्या नेगी ने की।शिविर के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू रहे। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा आजीविका से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देना था।कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज के जमीनी स्तर पर कार्य करती हैं और सैकड़ों लोगों के सीधे संपर्क में रहती हैं। ऐसे में यदि वे जागरूक होंगी तो महिला आयोग की योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी आसानी से आम महिलाओं तक पहुंचाई जा सकती है।महिला आयोग की चेयरपर्सन विद्या नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं और बच्चों के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का प्रयास है कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने बताया कि इस तरह के शिविरों के माध्यम से महिलाओं को कानूनी सहायता, घरेलू हिंसा से जुड़े कानूनों, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है।विद्या नेगी ने हाल ही में सामने आए कुछ मामलों पर भी प्रतिक्रिया दी।
ऊना में एसडीएम से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि जैसे ही यह मामला महिला आयोग के संज्ञान में आया, तुरंत कार्रवाई की गई और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में न्यायपालिका मौजूद है और यदि किसी मामले में आपसी सहमति से समझौता हुआ है तो संभव है कि पीड़ित महिला को उसके अधिकार मिले हों, जिसके लिए वह संघर्ष कर रही थी।उन्होंने धर्मशाला में कॉलेज छात्रा की मृत्यु के मामले पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी महिला आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया है और पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि महिला आयोग मृतक छात्रा और उसके परिवार के साथ खड़ा है तथा पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने जागरूकता शिविर के आयोजन के लिए महिला आयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण आज की सबसे बड़ी जरूरत है और प्रदेश सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि महिलाओं और बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा रहा है।
सुनील शर्मा बिट्टू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीति करने के बजाय पीड़ितों को न्याय दिलाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धर्मशाला मामले में पुलिस को सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं पाएगा।कार्यक्रम के अंत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी जागरूकता शिविर को उपयोगी बताया और कहा कि उन्हें महिला आयोग की योजनाओं और अधिकारों की जानकारी मिली है, जिसे वे अपने कार्यक्षेत्र में महिलाओं तक पहुंचाएंगी। आयोजकों ने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, ताकि महिला सशक्तिकरण की मुहिम को और मजबूती मिल सके।
Chandrika
