Shimla, 13 January-:भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश में सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों और प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज कुशासन, भ्रष्टाचार और सत्ता-संरक्षित तंत्र की गिरफ्त में है, जहां न तो जनता के धन की सुरक्षा हो पा रही है और न ही प्रशासनिक मर्यादा कायम रह गई है।
सुरेश कश्यप ने जल शक्ति विभाग में वर्ष 2024–25 के दौरान ₹36.77 करोड़ की लागत से 4,770 मीट्रिक टन जीआई पाइप की खरीद में हुई कथित अनियमितताओं को कांग्रेस सरकार की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बताया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सामने आया है कि निविदा शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किया गया। नियमों के अनुसार सामग्री की तौल, डिस्पैच और ट्रांसशिपमेंट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि की मौजूदगी में होना अनिवार्य था, लेकिन न तो उनकी उपस्थिति दर्ज की गई और न ही किसी प्रकार की वीडियोग्राफी या वैधानिक साक्ष्य उपलब्ध हैं।भाजपा सांसद ने कहा कि दस्तावेजों में 12.550 मीट्रिक टन और 13.150 मीट्रिक टन जीआई पाइप की आपूर्ति में फर्जी ई-वे बिल, संदिग्ध ट्रांसशिपमेंट और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि संभावित मिलीभगत और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार की अपनी स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट में इतनी गंभीर बातें दर्ज हैं, तो अब तक दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सुरेश कश्यप ने कहा कि कंपनी की लगभग ₹22 करोड़ की भुगतान राशि रोक देना कोई ठोस कार्रवाई नहीं है। असली कार्रवाई तब मानी जाएगी, जब जिम्मेदार अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाने के बजाय मामले को दबाने और बचाव की राजनीति कर रही है।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक अनुशासन पूरी तरह कमजोर हो चुका है। सत्ता के संरक्षण में हो रही बयानबाजी और गतिविधियां यह दर्शाती हैं कि कुछ अधिकारी और मंत्री स्वयं को सेवा नियमों और संवैधानिक मर्यादाओं से ऊपर समझने लगे हैं।मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए सुरेश कश्यप ने कहा कि या तो मुख्यमंत्री इन घटनाओं से सहमत हैं या फिर सरकार और प्रशासन पर उनका नियंत्रण समाप्त हो चुका है। दोनों ही स्थितियां प्रदेश और लोकतंत्र के लिए चिंताजनक हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी इन मुद्दों को सड़क से लेकर सदन और जरूरत पड़ी तो न्यायिक मंच तक उठाएगी। भाजपा ने पाइप खरीद मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और प्रशासनिक मर्यादा भंग करने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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Shimla BJP MP Suresh Kashyap
Chandrika
