Una, Rakesh-:हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में आज कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक सतपाल रायज़ादा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम सहित ऊना मंडल के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना स्थल पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रोष मार्च करते हुए मिनी सचिवालय पहुंचे, जहां उपायुक्त ऊना के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने और योजना में किए जा रहे बदलावों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व विधायक सतपाल रायज़ादा ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम मनरेगा से हटाना निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में सत्य और अहिंसा के प्रतीक के रूप में जाने जाते हैं और विदेशों में भी उनकी प्रतिमाएं स्थापित हैं। ऐसे महान व्यक्तित्व का नाम हटाना केंद्र सरकार की संकीर्ण सोच को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि मनरेगा की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने गरीब और मजदूर वर्ग को ध्यान में रखकर की थी, जिसमें 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई थी। हालांकि वर्तमान सरकार ने रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी की है, लेकिन अब इसका वित्तीय बोझ राज्यों पर डालना पूरी तरह गलत है। पहले इस योजना का पूरा बजट केंद्र सरकार वहन करती थी, जबकि अब राज्यों से भी हिस्सा देने की शर्त रखी जा रही है।सतपाल रायज़ादा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार की इन जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
