ज्ञापन में कहा गया है कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और कथित अनियमितताओं ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस घटनाक्रम के कारण परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे मामलों से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और उनकी मेहनत पर भी प्रश्नचिह्न लग जाता है।जिला कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि परीक्षा संचालन में बरती गई कथित लापरवाही और अव्यवस्थाओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसी संदर्भ में कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि पूरे मामले की पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। यदि जांच में किसी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।एडवोकेट सुरजीत शर्मा ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
नीट परीक्षा विवाद पर कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
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