धर्मशाला, राहुल-: धर्मशाला में जून माह के दौरान हुई लाखों रुपये की हाई-प्रोफाइल चोरी की गुत्थी को कांगड़ा पुलिस ने सुलझा लिया है। जिला पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए चोरी गए अधिकांश आभूषण बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब 50 तोला सोना और 1 किलो 200 ग्राम चांदी बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 65 से 70 लाख रुपये के बीच है। मामले का खुलासा बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने किया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 29 जून 2026 को धर्मशाला निवासी डॉ. अंजली चौहान ने थाना धर्मशाला में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके घर से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नकदी तथा सीसीटीवी डीवीआर चोरी हो गया है। शिकायत के अनुसार चोर करीब तीन किलो चांदी, कई सोने के आभूषण, तीन मंगलसूत्र, बालियां और अन्य कीमती सामान अपने साथ ले गए थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धर्मशाला के एसएचओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और अन्य भौतिक प्रमाण जुटाए। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने गग्गल निवासी चंदन और अंजू पत्नी रमेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी चंदन चोरी किए गए करीब 15 तोला सोने के आभूषण हमीरपुर के एक ज्वेलर को बेच चुका था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्वेलर की दुकान से पिघलाया गया सोना भी बरामद कर लिया है। संबंधित ज्वेलर को जांच में शामिल किया गया है और उससे पूछताछ जारी है। वहीं दूसरी आरोपी अंजू की निशानदेही पर गग्गल पुल के समीप झाड़ियों में छिपाकर रखे गए करीब 35 तोला सोने के आभूषण भी बरामद कर लिए गए।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने चोरी को अंजाम देने से पहले इलाके की पूरी रेकी की थी। दोनों कबाड़ और रद्दी इकट्ठा करने के बहाने अक्सर इस क्षेत्र में आते-जाते थे और इसी दौरान उन्होंने मकान की गतिविधियों पर नजर रखी। जिस दिन चोरी हुई, उस समय मकान मालिक एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। इसी अवसर का फायदा उठाकर आरोपियों ने घर में प्रवेश किया और लाखों रुपये के कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।वारदात के बाद आरोपी अपने साथ घर का सीसीटीवी डीवीआर भी ले गए ताकि उनके खिलाफ कोई डिजिटल साक्ष्य न बच सके। बाद में उन्होंने डीवीआर को फतेहपुर क्षेत्र की एक खड्ड में फेंक दिया। पुलिस ने डीवीआर बरामद कर लिया है, हालांकि वह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला है। इसे तकनीकी जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पड़ोसी मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण से इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी चंदन के खिलाफ पहले से चोरी के 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह भी शामिल था या नहीं।
प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ने आम लोगों से सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि घरों में अधिक मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण रखने के बजाय बैंक लॉकर का उपयोग किया जाए। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों को ऑनलाइन निगरानी प्रणाली से जोड़ा जाए और लंबे समय के लिए घर से बाहर जाने की स्थिति में विश्वसनीय पड़ोसियों या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी जाए। उन्होंने लोगों को सोशल मीडिया पर यात्रा संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने से बचने की भी सलाह दी। साथ ही व्यापारिक संस्थानों और बाजारों में रात्रि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए चौकीदार तैनात करने का भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि बाहरी राज्यों से आने वाले किरायेदारों और प्रवासी मजदूरों का पुलिस सत्यापन और पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी सभी थाना प्रभारियों को दिए गए हैं।
