मंडी, धर्मवीर -: नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर के विभिन्न हिस्सों में फैली गंदगी, बदबू और अव्यवस्थित हालात से मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं तो मिल रही हैं, लेकिन परिसर की स्वच्छता की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
अस्पताल के नए भवन के कई शौचालयों, पार्किंग क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े-कचरे के ढेर, प्लास्टिक का कचरा, डिस्पोजेबल प्लेटें और गिलास बिखरे पड़े हैं। कई स्थानों पर शराब और बीयर की खाली बोतलें तथा कांच के टुकड़े भी दिखाई दे रहे हैं। गंदगी के कारण मक्खियों की भरमार और दुर्गंध से संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है।अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों अनु, प्रिया, पुरुषोत्तम, केवल कृष्ण, सुभाष और मेहर चंद सहित अन्य लोगों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सुविधा है। यहां मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और अन्य दूरस्थ इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। उनका कहना है कि अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं संतोषजनक हैं, लेकिन परिसर में फैली गंदगी पूरे माहौल को प्रभावित कर रही है।कुल्लू के बंजार से आए एक तीमारदार अंकुश ने बताया कि बेहतर उपचार और सुरक्षित प्रसव की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोग नेरचौक मेडिकल कॉलेज का रुख कर रहे हैं। मनाली, आनी, बंजार, तीर्थन घाटी, जलोड़ी जोत और आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज यहां पहुंचते हैं। कई बार तीमारदारों को मरीजों के साथ कई दिनों या सप्ताह तक अस्पताल में रहना पड़ता है, ऐसे में स्वच्छ वातावरण की कमी उन्हें भी प्रभावित कर रही है।
अस्पताल के भूतल पर स्थित ब्लड बैंक, पोस्टमार्टम कक्ष के आसपास और पार्किंग क्षेत्र में सीलन, पानी का रिसाव तथा पर्याप्त रोशनी का अभाव भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि इन स्थानों पर अंधेरा रहने के कारण असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। महिला वाहन चालकों ने भी पार्किंग क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की मांग की है।स्थानीय लोगों और तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से परिसर की नियमित सफाई, कचरे के उचित निस्तारण, प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने तथा सुरक्षा इंतजाम बेहतर बनाने की मांग की है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
