हमीरपुर, अरविंद-: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के नेतृत्व में हिमाचल भवन एवं सड़क, अन्य निर्माण मजदूर यूनियन ने बुधवार को प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सरकार और बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे निर्माण कामगारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और श्रम कल्याण योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध करवाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों की रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य कार्यालय पहुंची, जहां कामगारों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निर्माण मजदूरों को बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल रहा है, जिससे हजारों श्रमिक प्रभावित हो रहे हैं।
यूनियन का कहना है कि छात्रवृत्ति, विवाह सहायता, मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता, पेंशन तथा मृत्यु सहायता जैसी कई योजनाओं के लाभ लंबे समय से लंबित हैं। इसके अलावा ई-केवाईसी और सत्यापन प्रक्रिया के कारण भी अनेक पंजीकृत मजदूरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने दावा किया कि प्रदेश में श्रम कल्याण बोर्ड के साथ बड़ी संख्या में निर्माण मजदूर पंजीकृत हैं, लेकिन अब तक सीमित संख्या में ही ई-केवाईसी पूरी हो सकी है। उनका आरोप है कि शेष कामगारों के पंजीकरण और लाभ प्रभावित हो रहे हैं।प्रदर्शन के दौरान सीटू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और लंबित लाभ जारी नहीं किए गए तो श्रम कल्याण बोर्ड के राज्य कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मजदूर हितों को प्राथमिकता देने और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की।सीटू के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेशभर से आए कामगारों ने श्रम कल्याण बोर्ड कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-केवाईसी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर मजदूरों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड के संसाधनों का अधिक हिस्सा प्रशासनिक खर्चों में जाने का आरोप संगठन पहले भी उठाता रहा है और इस मामले की पारदर्शी समीक्षा की जानी चाहिए।
वहीं, प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि उन्हें प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई ज्ञापन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि बोर्ड प्रदेशभर में पंजीकृत कामगारों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहा है। उनके अनुसार ई-केवाईसी प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र और वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना है ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बोर्ड की सभी कल्याणकारी योजनाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं और पात्र पंजीकृत कामगारों को नियमानुसार लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
