मंडी/धर्मवीर -:मंडी जिले के संधोल क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले 20 दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे संधोल युवा संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग दोहराई। हालांकि बैठक के बाद समिति ने सरकार के आश्वासन पर असंतोष जताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हुई हैं। ऐसे में आंदोलन और अनशन फिलहाल जारी रहेगा।
समिति के अध्यक्ष अविनाश भनवाल ने बताया कि संधोल अस्पताल में लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से हुई बैठक में सरकार ने अस्पताल के लिए ईएनटी विशेषज्ञ और एक जनरल फिजिशियन की नियुक्ति के आदेश जारी करने की जानकारी दी, लेकिन समिति की मुख्य मांग एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।अविनाश भनवाल ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री उनकी सभी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पूछा कि अस्पताल में किस प्रकार के डॉक्टरों की आवश्यकता है, जिस पर समिति ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की नियुक्ति करना सरकार की जिम्मेदारी है और क्षेत्र की जरूरत के अनुसार एमडी मेडिसिन तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जानी चाहिए।
समिति ने स्थानीय कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर के रवैये पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि 20 दिनों से आंदोलन जारी रहने के बावजूद विधायक ने समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की। इसी कारण उन्हें अपनी मांगों को लेकर सीधे मुख्यमंत्री से मिलने शिमला जाना पड़ा।समिति का कहना है कि संधोल अस्पताल पर क्षेत्र की 24 पंचायतों के लगभग 50 गांवों की आबादी निर्भर है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों, विशेषकर महिलाओं और गंभीर रोगियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।समिति ने कहा कि वे जल्द ही स्थानीय विधायक से भी मुलाकात करेंगे। यदि इसके बाद भी एमडी मेडिसिन और स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की गई तो आंदोलन और अनशन पहले की तरह जारी रहेगा।
