By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: किसान कल्याण से समझौता नहीं, सार्वजनिक धन का हो सही उपयोग : डॉ. सुनील चौहान
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > किसान कल्याण से समझौता नहीं, सार्वजनिक धन का हो सही उपयोग : डॉ. सुनील चौहान
himachalNews

किसान कल्याण से समझौता नहीं, सार्वजनिक धन का हो सही उपयोग : डॉ. सुनील चौहान

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2026/08/07 at 6:50 PM
Share

हमीरपुर, अरविंद- :हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी कर सार्वजनिक धन का किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से परियोजना की प्रत्येक गतिविधि को किसान कल्याण से जोड़ते हुए पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

होटल हमीर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में डॉ. चौहान ने डीपीएमयू हमीरपुर तथा संबद्ध बीपीएमयू बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित मानव संसाधन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ‘टीम बिल्डिंग, नेतृत्व विकास, प्रेरणा एवं तनाव प्रबंधन’ विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण में जायका परियोजना के आउटसोर्स कर्मचारी सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण वरिष्ठ कॉरपोरेट प्रशिक्षक मनु भारद्वाज द्वारा प्रदान किया जा रहा है।डॉ. चौहान ने अपने संबोधन में कार्यस्थल पर निरंतर सुधार की संस्कृति विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ‘काइज़ेन’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारियों को समस्याओं से बचने के बजाय उनके स्थायी समाधान खोजने की कार्यशैली अपनानी चाहिए।उन्होंने कहा कि किसानों के साथ संवाद में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और निर्भीकता बेहद आवश्यक है। अधिकारियों को चाहिए कि वे किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने टीम भावना और आपसी समन्वय को परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

TAGGED: Hamirpur Director of the Himachal Pradesh Crop Diversification Promotion Project
Chandrika August 7, 2026
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article बिजली बोर्ड का 21 करोड़ रुपये बकाया, आईपीएच पर 14 करोड़ की देनदारी,बिल जमा न करने वालों पर होगी कार्रवाई
Next Article सलूणी में 9 हजार बीपीएल परिवारों से होगा संवाद, 10 से 12 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

सलूणी में 9 हजार बीपीएल परिवारों से होगा संवाद, 10 से 12 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान

Ago

बिजली बोर्ड का 21 करोड़ रुपये बकाया, आईपीएच पर 14 करोड़ की देनदारी,बिल जमा न करने वालों पर होगी कार्रवाई

Ago

सोलन में साइबर अपराध और नशे के खिलाफ युवाओं को किया गया जागरूक

Ago

मुख्यमंत्री सुक्खू ने ‘ग्रीन शिमला, अवर शिमला’ पौधरोपण सप्ताह का किया शुभारंभ

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?