राहुल चावला, धर्मशाला-:किसानों और मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर जिला कांगड़ा किसान सभा ने सोमवार को धर्मशाला में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर निकाली गई यह रैली पोस्ट ऑफिस से शुरू होकर उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने किसानों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।
रैली का नेतृत्व राज्य कमेटी सदस्य शोकीनी कपूर, जिला अध्यक्ष जगदीश जग्गी, धर्मशाला ब्लॉक अध्यक्ष प्रताप सिंह और राजा का तालाब से साहित्यकार पंकज दर्शी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा और मजदूर संगठनों ने 28 और 29 जुलाई को दिल्ली में अधिवेशन आयोजित किया था। इसी कड़ी में देशभर में आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
रैली में उठीं ये प्रमुख मांगें
किसान सभा ने हिमाचल प्रदेश में किसानों के पुश्तैनी कब्जों को नियमित करने, वन संरक्षण कानून 1980 में आवश्यक संशोधन करने और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग उठाई। संगठन ने सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की मांग भी की।
किसान आत्महत्या के मामलों को लेकर सभा ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रखी। वहीं, चारों श्रम संहिताओं को रद्द कर सभी श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये प्रतिमाह वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग की गई।मनरेगा के तहत साल में कम से कम 200 दिनों का रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी देने की मांग भी प्रमुख रही। इसके अलावा भारतीय खाद्य निगम को मजबूत करने, खाद्य गोदामों के निजीकरण पर रोक लगाने, कृषि क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति नहीं देने तथा उर्वरकों की कमी और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग उठाई गई।
