मंडी/ धर्मवीर -: जोगिंद्रनगर में 7 राज्यों के क्षेत्रीय सह सुविधा एवं अनुसंधान केंद्र तथा हर्बल गार्डन एवं फार्मेसी को जोगिंद्रनगर से सोलन शिफ्ट करने को लेकर बीते 15 दिनों से ग्रामीणों का क्रमिक अन्नशन जारी है। ग्रामीण इस बात को लेकर खफा हैं कि इस संस्थान ने पहले उन्हें स्वरोजगार के साथ जोड़ा, घर पर प्राकृतिक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। अब इस संस्थान को यहां से सोलन बदला जा रहा है। ग्रामीण महिला रजनी देवी, लीला देवी, दीपा और अन्य लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस संस्थान को किसी भी सूरत में जोगिंद्रनगर से सोलन शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा। संस्थान को ले जाने का यदि प्रयास किया गया तो फिर ग्रामीण इसके लिए किसी भी हद तक जाने से कोई गुरेज नहीं करेंगे।
जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने कहा कि संस्थान को रोकने के लिए वह केंद्रीय आयुष मंत्रालय के उच्चाधिकारियों से भी मिल चुके हैं। केंद्र की तरफ से उन्हें आश्वस्त किया गया है कि यहां पर संस्थान के बदले एक काउंटर खोल दिया जाएगा लेकिन ग्रामीण इस को मानने को तैयार ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जोगिंद्रनगर में पिछले कुछ वर्षों से कोई नया संस्थान या बड़ी सौगात नहीं मिली है बल्कि उल्टा मिली हुई सौगातों को छीनने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाली 7 सितम्बर को जोगिंद्रनगर में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा और उसी दौरान आगामी आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी। बता दें कि जोगिंद्रनगर स्थित क्षेत्रीय सह सुविधा एवं अनुसंधान केंद्र तथा हर्बल गार्डन एवं फार्मेसी केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है और यह 7 राज्यों का संस्थान है। आयुष मंत्रालय अब इसे यहां से सोलन शिफ्ट करने जा रहा है जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार उनकी मांग के अनुरूप ही निर्णय लेगी।

