ऊना, राकेश -:जेलों में बंद कैदियों को सजा पूरी होने के बाद समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वदेशी जागरण मंच ने पहल तेज कर दी है। ‘स्वदेशी उद्यमिता प्रोत्साहन’ अभियान के तहत कैदियों को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।इसी सिलसिले में मंगलवार को स्वदेशी जागरण मंच के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल से मुलाकात की। बैठक में बनगढ़ स्थित सुधारगृह में 11 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के माध्यम से कैदियों को कौशल विकास और रोजगार से संबंधित संभावनाओं की जानकारी देने पर जोर दिया जाएगा।
मंच के जिला पूर्णकालिक प्रशिक्षक सत्य देव शर्मा ने कहा कि कारावास का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि कैदियों को सुधार और बेहतर भविष्य का अवसर देना भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘हर हाथ को काम’ जैसी पहल के जरिए कैदियों को विभिन्न उपयोगी कार्यों से जोड़कर उनकी कार्यक्षमता विकसित की जा रही है।उन्होंने कहा कि बदलते समय और बाजार की मांग को देखते हुए जेलों में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों को आधुनिक तकनीक से जोड़े जाने की जरूरत है। इससे कैदियों को प्रशिक्षण के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर
मंच के जिला प्रचार प्रमुख पंकज सहोड़ ने कहा कि पहल का उद्देश्य केवल कैदियों को काम देना नहीं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है। कौशल प्रशिक्षण के जरिए उन्हें जेल से बाहर आने के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि कैदियों के पुनर्वास के लिए सरकारी विभागों और संबंधित संस्थानों के सहयोग से भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियां जारी रखी जाएंगी, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में बेहतर तरीके से पुनर्स्थापित किया जा सके।

