शिमला, संजू-:शिमला में UFBU ने केंद्र के खिलाफ जताया विरोध, मांगें पूरी नहीं हुईं तो सितंबर में 3 दिन और अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनीदेशभर के साथ हिमाचल प्रदेश में भी बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर देखने को मिला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर सरकारी और कुछ निजी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। शिमला में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।बैंक यूनियनों की मुख्य मांग 5-डे बैंकिंग लागू करने की है। कर्मचारियों का कहना है कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया, लेकिन दो साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
शिमला में प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने वित्तीय सेवाएं विभाग की नई PLI गाइडलाइंस का भी विरोध किया। यूनियनों का आरोप है कि नई व्यवस्था में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच PLI को लेकर बड़ा अंतर रखा गया है। उनका कहना है कि स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के बेसिक पे के बराबर PLI का प्रावधान है, जबकि वर्कमैन और स्केल I से III के कर्मचारियों के लिए अधिकतम 15 दिन के बेसिक पे + DA का प्रावधान किया गया है। यूनियनों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए वापस लेने की मांग की है।UFBU हिमाचल प्रदेश के संयोजक नरेंद्र शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और बैंक प्रबंधन ने मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया, तो 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर से देशभर में अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ब्रांच स्तर की कई सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की बात कही गई है। यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

