शिमला-: लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पिछले चार वर्षों के दौरान लगभग 600 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं। क्षेत्र में सड़क, पेयजल और परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्रवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार का लक्ष्य है।
विक्रमादित्य सिंह ने आज सुन्नी तहसील का दौरा किया और दशहरा महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने 90 लाख रुपये की लागत से निर्मित नगर पंचायत भवन का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया। उन्होंने नगर पंचायत सुन्नी के लिए 10 लाख रुपये तथा मेला समिति के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।
सुन्नी की पेयजल समस्या का होगा स्थायी समाधान
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री ने कहा कि सुन्नी शहर में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये की योजना तैयार कर क्रियान्वित की गई है। इस योजना को आगामी कुछ दिनों में जनता को समर्पित किया जाएगा। इससे गर्मियों के दौरान होने वाली पानी की किल्लत से राहत मिलेगी और अगले 25 से 30 वर्षों तक शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
सड़क परियोजनाओं पर खर्च होंगे 400 करोड़ रुपये
उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण एवं सुधार कार्य प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को आवागमन की सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि सुन्नी से खैरा सड़क मार्ग पर लगभग 18 से 20 करोड़ रुपये की लागत से कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त सुन्नी से नूरी तक सड़क को इंटरमीडिएट लेन में विकसित करने के लिए विश्व बैंक की सहायता से योजना प्रस्तावित की गई है। इस परियोजना पर लगभग 650 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क के विकसित होने से शिमला ग्रामीण के अलावा रामपुर, कुमारसैन, आनी और किन्नौर क्षेत्र के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
सुन्नी-लूहरी-सलापड़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने का लक्ष्य
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सुन्नी से लूहरी होते हुए सलापड़ तक सड़क मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करवाना उनका लक्ष्य है। इस संबंध में केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में विकास गतिविधियों को गति मिलेगी और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि रामपुर क्षेत्र में सड़क धंसने की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार से 127 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। 17 अक्तूबर को मिली इस स्वीकृति से प्रभावित क्षेत्र में सड़क संबंधी समस्याओं के समाधान और आवागमन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सुन्नी बस स्टैंड बनेगा एचआरटीसी सब-डिपो
परिवहन सुविधाओं को लेकर मंत्री ने कहा कि सुन्नी बस स्टैंड को अपग्रेड कर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सब-डिपो के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दी गई है। इसका शुभारंभ उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शीघ्र करेंगे। सब-डिपो शुरू होने से सुन्नी में मुद्रिका बस सेवा भी आरंभ की जाएगी, जिससे शिमला ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इसके लिए उन्होंने उप मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन बसों से क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। भविष्य में इन बसों का संचालन सुन्नी बस डिपो से करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके और बसों के लिए शिमला पर निर्भरता कम हो।
पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेश को मिलेगी सड़क निर्माण की नई सौगात
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार संवाद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत हिमाचल प्रदेश को पहले लगभग 4,500 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है।
उन्होंने बताया कि योजना के चौथे चरण के दूसरे फेज में लगभग 1,600 किलोमीटर सड़कों के निर्माण के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये की नई स्वीकृति मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
विकास कार्यों में आने वाली समस्याओं का होगा समाधान
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विकास परियोजनाओं के निर्माण के दौरान कुछ व्यावहारिक समस्याएं सामने आना स्वाभाविक है। संबंधित विभाग इन समस्याओं के समाधान के साथ विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देना और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास कार्यों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क नेटवर्क को ग्रामीण विकास की आधारशिला बताते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि शिमला ग्रामीण क्षेत्र में विकास की गति को निरंतर बनाए रखा जाएगा।इस अवसर पर नगर पंचायत सुन्नी की अध्यक्षा सत्या वर्मा ने लोक निर्माण मंत्री को चांदी का मुकुट भेंट कर सम्मानित किया तथा उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में मंत्री ने अपनी चिकित्सकीय जांच भी करवाई।
