जिला प्रशासन ने तहसील स्तर पर गठित कीं समितियां, अवैध भंडारण और बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई
शिमला-: आगामी त्योहारों के दौरान पटाखों एवं आतिशबाजी के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन शिमला ने सख्त कदम उठाए हैं। जिले में पटाखों के अवैध परिवहन, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से तहसील एवं उप-तहसील स्तर पर संयुक्त निरीक्षण समितियों का गठन किया गया है। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने आदेश जारी कर निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी और रिपोर्टर समय पर अपनी रिपोर्ट एवं समाचार भेजना सुनिश्चित करें। अब तक आप सभी की ओर से एक भी समाचार प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि शाम 5:30 बजे हो चुके हैं। इससे पहले भी सभी रिपोर्टरों को बार-बार निर्देश दिए गए हैं कि वे दोपहर 2 बजे तक कम से कम एक समाचार अवश्य भेजें। अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
तहसील स्तर पर गठित होंगी निरीक्षण समितियां
संयुक्त निरीक्षण समितियों की अध्यक्षता संबंधित तहसीलदार करेंगे। इनमें नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी, अग्निशमन विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य कर एवं आबकारी विभाग, नगर निकायों अथवा पंचायती राज संस्थानों और राजस्व विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार अन्य अधिकारियों को भी समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जा सकेगा। संबंधित उपमंडलाधिकारी समितियों के कार्यों की निगरानी और समन्वय करेंगे।
प्रमुख मार्गों पर वाहनों की जांच के निर्देश
पटाखों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक, शिमला द्वारा जिले के प्रमुख प्रवेश मार्गों, सीमावर्ती क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों और अंतर-जिला मार्गों पर विशेष जांच नाके स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही मोबाइल निरीक्षण दल भी तैनात किए जाएंगे।जांच के दौरान पटाखे ले जाने वाले वाहनों के विस्फोटक लाइसेंस, परिवहन परमिट, जीएसटी बिल, ई-वे बिल, सामग्री के स्रोत एवं गंतव्य, परिवहन की जा रही आतिशबाजी की मात्रा और सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जाएगी। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में पटाखों का परिवहन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिना लाइसेंस बिक्री और अवैध भंडारण पर कार्रवाई
प्रशासन द्वारा पटाखों की बिक्री एवं भंडारण से संबंधित लाइसेंस की वैधता की जांच की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आतिशबाजी केवल स्वीकृत और लाइसेंस प्राप्त परिसरों में ही रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन व्यवस्थाओं, पर्यावरणीय मानकों और निर्धारित भंडारण सीमा की भी जांच होगी।अवैध बिक्री, भंडारण, कब्जे अथवा परिवहन के मामले सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। बिना अनुमति सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानों और मोबाइल बिक्री केंद्रों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले बाजारों, शहरी क्षेत्रों, आवासीय कॉलोनियों, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। रात के समय पटाखों की थोक आवाजाही पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त अवैध कारोबार की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई
पटाखों से संबंधित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक नियम, 2008, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, जीएसटी कानूनों, पर्यावरण संरक्षण कानूनों और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।मामले की गंभीरता और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार पटाखों का स्टॉक जब्त करने, परिसर सील करने, लाइसेंस निलंबित अथवा रद्द करने और दोषियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकेगी।
निरीक्षण की रिपोर्ट हर सोमवार भेजना अनिवार्य
संयुक्त निरीक्षण समितियों को निरीक्षण शुरू होने के तीन दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट संबंधित उपमंडलाधिकारी को सौंपनी होगी। इसके बाद त्योहारों के दौरान प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन, जब्ती, अभियोजन और निवारक कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा शामिल किया जाएगा।संबंधित उपमंडलाधिकारी इन रिपोर्टों को संकलित कर उपायुक्त, शिमला के कार्यालय को भेजेंगे। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और त्योहारों का सीजन समाप्त होने अथवा आगामी आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेंगे।

