बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने पर विभाग ने जताई चिंता
राहुल चावला, धर्मशाला-:जिला कांगड़ा में शिक्षकों के धरने को लेकर शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठन के बीच विवाद सामने आया है। डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन एलिमेंट्री बलविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा कि शिक्षक संगठन को अपनी मांगों पर चर्चा के लिए वार्ता का समय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद संगठन ने 21 तारीख को धरना देने का फैसला किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग शिक्षकों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए तैयार है।
बलविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा कि इन दिनों विभागीय कार्यों में व्यस्तता के बावजूद उन्होंने शिक्षक संगठन को बातचीत का अवसर दिया था। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की प्रमोशन, जेबीटी से एसटी पदोन्नति और अन्य मांगों पर विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। हालांकि, कुछ मामलों में कार्रवाई पूरी करने में पांच से छह दिन का समय लग सकता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि विभाग शिक्षकों की समस्याओं को अनदेखा कर रहा है।
धरनों से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है असर
डिप्टी डायरेक्टर ने शिक्षकों के धरने-प्रदर्शनों से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षक यदि छुट्टी लेकर प्रदर्शनों में शामिल होते हैं तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ता है। अभिभावक चाहते हैं कि स्कूलों में नियमित कक्षाएं चलें और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। ऐसे में शिक्षकों को अपनी मांगों के साथ विद्यार्थियों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए।उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटने के पीछे शिक्षकों की अनुपलब्धता और पढ़ाई प्रभावित होना भी कारण हो सकता है। इसलिए विभाग स्कूलों का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करता है।
क्लस्टर व्यवस्था में बदलाव पर सरकार के फैसले का इंतजार
क्लस्टर सिस्टम में शिक्षकों के स्थानांतरण और डेपुटेशन संबंधी आदेश बीईओ के माध्यम से जारी करने की मांग पर गुलेरिया ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में यह जिम्मेदारी प्रिंसिपल को दी गई है। सरकार की ओर से व्यवस्था में बदलाव किए जाने पर विभाग उसके निर्देशों का पालन करेगा।उन्होंने शिक्षक संगठनों से अपील की कि वे अपनी मांगों को बातचीत के माध्यम से उठाएं और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न होने दें। उन्होंने दोहराया कि विभाग शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है।

