हमीरपुर, अरविंद- :छोटे बच्चों को कुपोषण से बचाने और उनके बेहतर शारीरिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भोरंज उपमंडल में पायलट आधार पर शुरू किए गए न्यूट्रिशनल इंटरवेंशन (पोषण हस्तक्षेप) कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई।उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने मिनी सचिवालय में महिलाओं के साथ दूसरे चरण का संवाद आयोजित कर कार्यक्रम के प्रभाव और बच्चों के पोषण से संबंधित फीडबैक प्राप्त किया। संवाद में छोटे बच्चों की माताओं सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान के तहत भोरंज क्षेत्र में छोटे बच्चों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर रागी पाउडर वितरित किया जा रहा है। रागी से विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर बच्चों को खिलाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को ये व्यंजन पसंद आ रहे हैं और उनके स्वास्थ्य तथा शारीरिक विकास से जुड़े विभिन्न मानकों में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।उन्होंने कहा कि इस माह रागी से तैयार किए जाने वाले कुछ नए व्यंजन और उत्पाद भी उपलब्ध करवाए गए हैं। ऐसे में सभी माताओं से आग्रह किया गया है कि वे इन नए उत्पादों के स्वाद, उपयोगिता और बच्चों की पसंद को लेकर अपनी राय जरूर साझा करें। महिलाओं से प्राप्त सुझावों के आधार पर कार्यक्रम में जरूरी सुधार किए जाएंगे, ताकि बच्चों को अधिक पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जा सके।गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित की जाने वाली खाद्य सामग्री की सूची में इन नए व्यंजनों और उत्पादों को शामिल करने के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है।इस अवसर पर एसडीएम शशिपाल शर्मा और सीडीपीओ सुनील कुमार ने इस पायलट परियोजना के लिए भोरंज का चयन किए जाने को बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में सीडीपीओ सुजानपुर कुलदीप चौहान, तहसीलदार भोरंज डॉ. आशीष शर्मा, वृत्त पर्यवेक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
